ऋषिकेश महायोजना का विकास: पर्यावरण संरक्षण के साथ आधुनिकता की ओर बढ़ता कदम

Aug 30, 2026 - 21:44
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ऋषिकेश महायोजना का विकास: पर्यावरण संरक्षण के साथ आधुनिकता की ओर बढ़ता कदम
ऋषिकेश महायोजना का विकास: पर्यावरण संरक्षण के साथ आधुनिकता की ओर बढ़ता कदम

ऋषिकेश महायोजना का विकास: पर्यावरण संरक्षण के साथ आधुनिकता की ओर बढ़ता कदम

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कम शब्दों में कहें तो, ऋषिकेश महायोजना के विकास की प्रक्रिया तेज की गई है, जिसमें आवास, पर्यटन और यातायात के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा जाएगा। यह सूचना देवभूमि उत्तराखंड से आ रही है।

देहरादून। धार्मिक और पर्यटन नगरी ऋषिकेश के समग्र विकास के लिए धामी सरकार ने महायोजना की कार्यवाही को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आवास विभाग ने ऋषिकेश महायोजना को शीघ्रता से अंतिम रूप देने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

महायोजना की समीक्षा बैठक

इस संदर्भ में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल के विकास प्राधिकरणों की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भवन ऊंचाई, सड़क चौड़ाई, यातायात, आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

प्रस्तावों पर शासन का ध्यान

ऋषिकेश महायोजना तीन जिलों (देहरादून, टिहरी और पौड़ी) से जुड़ी है, जिसके कारण संबंधित विकास प्राधिकरणों से प्रस्ताव मांगे गए थे। इस बैठक में इन प्रस्तावों का परीक्षण किया गया और आवश्यकताओं के अनुसार भवन ऊंचाई निर्धारित करने के सुझाव दिए गए।

विकास और पर्यावरण का संतुलन

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी अधिकारियों को महायोजना से जुड़े लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं माना जाएगा। यह आने वाले वर्षों का आधार तैयार करेगा।

यातायात और पार्किंग का सबाल

महायोजना में आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के साथ यातायात व्यवस्था, पार्किंग, सड़क नेटवर्क और आधारभूत ढांचे का समुचित विकास किया जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बढ़ते पर्यटन से नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलें।

स्थानीय आवश्यकताओं का ध्यान

सचिव आवास ने कहा कि संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विकास का संतुलित मॉडल तैयार किया जा रहा है, खासतौर पर राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के निकट। इससे पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

संगठनात्मक समन्वय

डॉ. राजेश कुमार ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महायोजना को अंतिम रूप देने में विलम्ब स्वीकार्य नहीं होगा।

आधुनिककल्याणकारी योजनाएं

धामी सरकार की योजना है कि ऋषिकेश को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाए, जहां धार्मिक पर्यटन और आधुनिक सुविधाओं का मेल हो। इस महायोजना के माध्यम से क्षेत्र का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा।

अंत में, एक ऐसा विकास मॉडल तैयार करने की जरूरत है जो पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखें। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

Team Amrita Bazaar Patrika - साक्षी शर्मा

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