किशाऊ परियोजना में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व में मिली नई गति, मिलेंगे जल सुरक्षा और ऊर्जा के अनेकों लाभ

Sep 15, 2026 - 21:44
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किशाऊ परियोजना में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व में मिली नई गति, मिलेंगे जल सुरक्षा और ऊर्जा के अनेकों लाभ

किशाउ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को मिली मंजूरी, भारत के जल संसाधनों में मिलेगी नई दिशा

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कम शब्दों में कहें तो, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक में, वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के क्रियान्वयन के लिए कई राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह निर्णय आठ दशकों के बाद जल सुरक्षा और क्षेत्रीय सांध्रता को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना लगभग आठ दशकों से प्रतीक्षित थी और इसके लिए हुआ यह समझौता जल सुरक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, पेयजल तथा यमुना के पुनर्जीवीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं निर्णायक कदम है।

मुख्यमंत्री का बयान: यह एक ऐतिहासिक दिन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन केवल एक समझौते पर हस्ताक्षर का अवसर नहीं है, बल्कि यह किशाऊ परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में बढ़ाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने इस दिशा में भारत सरकार सहित सभी सहभागी राज्य सरकारों का आभार व्यक्त किया।

किशाऊ परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1940 में की गई थी, और इतने लंबे समय में इसे आगे बढ़ाने के अनेक प्रयास हुए, लेकिन विभिन्न कारणों से यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज इस प्रकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

Komité ke Marmabhoomi par aane wale kadam

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में कई महत्वपूर्ण अड़चनों के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। आज MoU पर हस्ताक्षर के साथ इस परियोजना को औपचारिक रूप दिया गया है, जो अब तेजी से आगे बढ़ने की दिशा में है।

राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देशीय परियोजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ केवल एक सामान्य बांध परियोजना नहीं है, बल्कि यह जल सुरक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, पेयजल और यमुना के पुनर्जीवीकरण से जुड़ी राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देशीय परियोजना है। परियोजना के तहत लगभग 1562 MCM क्षमता का विशाल जलाशय बनेगा तथा 422 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता विकसित होगी। इसका लाभ उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित पूरे अपर यमुना बेसिन को मिलेगा।

अंतरराज्यीय सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण

किशाऊ परियोजना केवल एक राज्य या क्षेत्र की परियोजना नहीं है, बल्कि यह अंतरराज्यीय सहयोग और सहकारी संघवाद का महत्वपूर्ण उदाहरण है। केंद्र और राज्य सरकारों के सामूहिक प्रयासों और सहभागी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से यह परियोजना अब निर्णायक गति प्राप्त कर चुकी है।

प्रभावित परिवारों का संवेदनशील पुनर्वास

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के निर्माण में कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां भी सामने आएंगी। इनमें से एक चुनौती प्रभावित परिवारों का उचित, संवेदनशील एवं सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करना है, जो उत्तराखण्ड सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।

वन भूमि का हस्तांतरण: एक बड़ी चुनौती

परियोजना के लिए लगभग 2500 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण की आवश्यकता होगी, जिसके लिए क्षतिपूरक वनीकरण के लिए बड़ी मात्रा में भूमि की आवश्यकता पड़ेगी।

पर्यावरण संरक्षण का महत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे वनाच्छादित और पर्वतीय राज्य के लिए इतनी बड़ी मात्रा में भूमि उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखेगी और निर्माण कार्य से जुड़े सभी पर्यावरणीय प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करेगी।

समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए ‘विकल्प रहित संकल्प’

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सभी सहभागी राज्य किशाऊ परियोजना को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने में सफल होंगे।

आज हुआ MoU हस्ताक्षर केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि ऐसी महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत का ऐतिहासिक पड़ाव है, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगा। किशाऊ परियोजना के क्रियान्वित होने से जल उपलब्धता, सिंचाई, पेयजल, ऊर्जा उत्पादन और यमुना के पुनर्जीवीकरण को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आदि का आभार व्यक्त किया।

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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका, शर्मिला कुमारी

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