केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार में विकास और न्याय संहिता प्रदर्शनी का करेंगे अवलोकन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार में विकास और न्याय संहिता प्रदर्शनी का करेंगे अवलोकन
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कम शब्दों में कहें तो, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार में बैरागी कैम्प में कई प्रदर्शनों का अवलोकन करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य के अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम उत्तराखंड के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रदर्शन करेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में पिछले चार वर्षों में किए गए महत्वपूर्ण विकास कार्यों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।
विकास कार्यों का प्रदर्शनी में सार्वजनिक प्रदर्शन
प्रदर्शनी में राज्य सरकार द्वारा किए गए बुनियादी ढाँचे के विकास, सड़क और संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, एवं पर्यटन विकास जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए भी उठाए गए कदमों का प्रदर्शन किया जाएगा।
सुशासन और पारदर्शिता को प्रोत्साहन
इस प्रदर्शनी का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को रेखांकित करना है। विभिन्न विभागों द्वारा तैयार किए गए दृश्य प्रदर्शनों, चित्रों, मॉडल और जानकारीपूर्ण पैनलों के माध्यम से पिछले वर्षों में राज्य में हुए बदलावों का सचित्र विवरण प्रस्तुत किया जाएगा। यह आम जनता को उत्तराखंड के विकास की यात्रा को नजदीक से समझने का एक अवसर प्रदान करेगा।
न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी
केंद्रीय गृह मंत्री शाह के कार्यक्रम के साथ-साथ, इस अवसर पर 7 से 9 मार्च 2026 तक "न्याय संहिता" विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए कानूनी प्रावधानों, जैसे भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता को बढ़ाने के लिए आयोजित की जा रही है।
नई न्याय संहिताओं की विशेषताएँ
नई न्याय संहिताएँ देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं। इसका मुख्य लक्ष्य औपनिवेशिक प्रावधानों को समाप्त करना और एक नागरिक केंद्रित, पारदर्शी, उत्तरदायी तथा तकनीक समर्थ न्याय प्रणाली स्थापित करना है। "दंड से न्याय" की दृष्टि के तहत, पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा, महिलाओं और बच्चों की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
प्रदर्शनी की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ
प्रदर्शनी में नई न्याय संहिताओं की महत्वपूर्ण विशेषताओं को सरल और प्रभावी माध्यमों से दर्शित किया जाएगा। इसमें समयबद्ध जांच और आरोप-पत्र की व्यवस्था, शून्य प्राथमिकी, इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी की प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, संगठनात्मक अपराध, साइबर अपराध और आतंकवाद के स्पष्ट दंड प्रावधानों को शामिल किया जाएगा।
इसके साथ, नाट्य प्रस्तुतियों, मॉडल केस स्टडी, डिजिटल प्रदर्शनों और जनसंवाद सत्रों के माध्यम से त्वरित न्याय, वैज्ञानिक जांच और नागरिक सुविधाओं की अवधारणाओं को प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन उत्तराखंड सरकार की विकास यात्रा, सुशासन की प्रतिबद्धता और राज्य को समृद्ध बनाने के प्रयासों का प्रदर्शन करेगा।
इस प्रकार, 7 मार्च का यह कार्यक्रम हरिद्वार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होने वाला है, जो उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई दिशा देने में मदद करेगा।
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सादर,
नमिता शर्मा
टीम अमृता बाजार पत्रिका
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