ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026 में हिस्सा लिया, लोकल से ग्लोबल की ओर बढ़ावा – विशेष रिपोर्ट

Feb 19, 2026 - 21:44
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ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026 में हिस्सा लिया, लोकल से ग्लोबल की ओर बढ़ावा – विशेष रिपोर्ट
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026 में हिस्सा लिया, लोकल से ग्लोबल की ओर बढ़ावा – विशेष रिपोर्ट

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026 में किया प्रतिभाग

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के चम्पावत जनपद के टनकपुर में आयोजित ‘चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026’ में ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और स्थानीय कलाओं एवं उत्पादों को वैश्विक पहचान देने पर जोर दिया।

आज, ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने टनकपुर में आयोजित ‘चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026’ में उपस्थिति दर्ज कराई। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों, स्वयं सहायता समूहों व स्थानीय उद्यमियों द्वारा स्थापित स्टॉलों का निरीक्षण किया और उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। इस मौके पर उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।

मंत्री जोशी ने पशु सखियों को मोबाइल फोन प्रदान किए और विभिन्न स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को चेक वितरित किए। इसी के साथ ही, उन्होंने कृषकों के लिए फार्म मिशनरी बैंक की सुविधाओं का भी वितरण किया। कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित 25 बच्चों के सामूहिक जन्मदिन का भी केक काटकर जश्न मनाया।

सरस कॉर्बेट महोत्सव का उद्देश्य

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव की थीम “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” रखी गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति एवं उत्पादों को भी महत्वपूर्ण पहचान देने का कार्य करते हैं।

आकर्षण और जनजागरूकता कार्यक्रम

गणेश जोशी ने आगे बताया कि महोत्सव में मधुबनी चित्रकला एवं समकालीन कला कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, विज्ञान प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, और विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। यह सभी गतिविधियां महोत्सव को एक संपूर्ण और आकर्षक आयोजन बनाती हैं।

इसके अतिरिक्त, फूड फेस्टिवल के माध्यम से पारंपरिक व्यंजनों को एक विशेष मंच प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक खाद्य सामग्री को प्रोत्साहित करने से स्वयं सहायता समूहों एवं छोटे उद्यमियों को आर्थिक सशक्तिकरण मिलेगा।

स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान देने की दिशा

ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य नहीं करेगा, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को भी मजबूती देगा। यह कदम स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहुँचाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।

इस महोत्सव के माध्यम से, सरकार न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है, बल्कि बढ़ती हुई पर्यटन को भी संजीवनी प्रदान कर रही है। मंत्री जोशी का यह प्रयास स्थानीय उत्पादों और कलाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह महोत्सव आने वाले समय में पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को एक नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा। इसके द्वारा, न केवल स्थानीय व्यवसायियों को लाभ होगा, बल्कि समाज में विविधता और कलात्मकता को भी बढ़ावा मिलेगा।

अंत में, इस अद्वितीय महोत्सव का हिस्सा बनकर लोग न केवल अपनी संस्कृति को जी सकेंगे, बल्कि इसे एक वैश्विक पहचान भी दिला सकेंगे।

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सादर, टीम अमृता बाजार पत्रिका | सुनीता शर्मा

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