जेल से मुक्त युवक ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, जानें पूरा मामला
जेल से मुक्त युवक ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, जानें पूरा मामला
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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी जिले में एक युवक ने पुलिस पर अमानवीय कृत्यों का आरोप लगाया है, जिसे उसने जेल से छूटने के बाद अपने वीडियो बयान में सार्वजनिक किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं।
टिहरी के लम्बगांव निवासी केशव थलवाल ने अपने वीडियो में आरोप लगाया है कि उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली में अनियमितताओं को उजागर किया था, जिसके चलते उन्हें पुलिस ने प्रताड़ित किया। उनके अनुसार, उन्हें 9 मई को थाने के अंदर कैद किया गया था और इस दौरान उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गईं।
क्या है पूरा मामला?
केशव थलवाल ने कहा कि उन्हें पुलिस द्वारा निर्वस्त्र कर पीटा गया, पेशाब पिलाई गई, और तौलिए तक थमाए गए। उन्होंने विशेष तौर पर विवरण दिया कि उन्हें पुलिस द्वारा सिर पर मूता गया और उनकी मजबूरी का लाभ उठाकर थूक भी चटवाया गया। उनके अनुसार, यह सभी अमानवीय कृत्य उस समय हुए जब वह पुलिस की कार्यप्रणाली की आलोचना कर रहे थे। उन्होंने यह अपील की कि उनके मामले की उचित सुनवाई होनी चाहिए।
जांच का आदेश
इस सनसनीखेज मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आईजी गढ़वाल ने टिहरी के एसएसपी आयुष अग्रवाल को रिपोर्ट बनाने का निर्देश दिया है। एसएसपी ने बताया कि इस मामले की जांच को सीओ नरेंद्रनगर को सौंपा गया है और उन्हें 15 दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटनाएँ और प्रतिवेदन
केशव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बलात्कारी यातनाएँ दीं और इससे उनकी मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा। मामले का तूल पकड़ते ही टिहरी पुलिस ने प्रदर्शन-प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाया। केशव ने कहा, "मैंने अंकिता भंडारी और केदार सिंह हत्याकांड से जुड़े मामलों में पुलिस की विफलताओं को उजागर करने की कोशिश की थी, जिसके बाद मुझे इस सजा का सामना करना पड़ा।"
इंसाफ की मांग
युवक ने इस घटना को पौड़ी के अंकिता भंडारी हत्याकांड की तीसरी बरसी पर श्रद्धांजलि सभा में सार्वजनिक किया। वह अपनी कहानी सुनाते हुए आंसू नहीं रोक सके। उन्होंने कहा कि वह सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन इसके चलते उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा।
आगे, इस मामले की सही जांच और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होने की उम्मीद है। क्या पुलिस विभाग ऐसे गंभीर आरोपों के बाद अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करेगा या यही सब खत्म हो जाएगा, यह सवाल नागरिकों के मन में बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी केशव की बातें सुनकर चिंता व्यक्त की है।
अंततः, यह जरूरी है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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टीम अम Rita Bazaar Patrika
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