टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन स्थल बनाने के लिए मुख्य सचिव की बैठक, मास्टर प्लान में नई दिशा

Sep 24, 2026 - 21:44
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टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन स्थल बनाने के लिए मुख्य सचिव की बैठक, मास्टर प्लान में नई दिशा

टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन स्थल बनाने के लिए मुख्य सचिव की बैठक, मास्टर प्लान में नई दिशा

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने टिहरी झील को एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य बनाने हेतु मास्टर प्लान के लिए निर्देश दिए हैं। बैठक में दीर्घकालिक और समुचित योजना पर जोर दिया गया है।

हाल ही में, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में उन्होंने टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के तौर पर विकसित करने के लिए एक समग्र मास्टर प्लान बनाने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र को पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर लाने की आवश्यकता है, और इसके लिए दीर्घकालिक और सुनियोजित प्लानिंग की जानी चाहिए।

मास्टर और जोनल प्लान की आवश्यकता

इस बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि टिहरी झील के आसपास के लगभग 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करते हुए बेतरतीब विकास को रोकने के लिए एक मास्टर और जोनल प्लान तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक योजनाएं बनाने पर जोर दिया कि सरकारी और निजी दोनों प्रकार की भूमि इस योजना में शामिल हों।

उन्होंने कहा, “जब मास्टर प्लान तैयार किया जाए, तो सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स से विचार-विमर्श ज़रूरी है। इससे हम क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एक दीर्घकालिक योजना तैयार कर सकेंगे।” इसके लिए, वह स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली और SPA, भोपाल से तकनीकी सहयोग लेने की संभावनाओं पर भी चर्चा करने की बात कही।

नई पर्यटन गतिविधियां और आकर्षण केंद्र

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र को एक वैश्विक गंतव्य बनाने के लिए वहाँ विभिन्न पर्यटन गतिविधियों को शामिल करते हुए प्रमुख आकर्षण केंद्र विकसित किए जाने चाहिए। उन्होंने फेजवाइज योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न परियोजनाओं को विकसित करने की सलाह दी।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने योजनाओं में जल क्रीड़ा (वाटर स्पोर्ट्स), एडवेंचर गतिविधियाँ, ट्रैकिंग, प्रकृति, संस्कृति, और गांव आधारित पर्यटन जैसे तत्वों को सम्मिलित करने का सुझाव दिया, ताकि पर्यटक क्षेत्र में अधिक समय बिता सकें। उनके अनुसार, टिहरी लेक में ऐसी गतिविधियों की विस्तृत योजना तैयार की जानी चाहिए, जिससे पर्यटक कम से कम एक-दो दिन या उससे अधिक समय तक क्षेत्र में ठहर सकें।

पर्यटन गतिविधियों का कैलेंडर

मुख्य सचिव ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया कि अप्रैल, मई और जून में जल स्तर कम रहने पर भी पर्यटकों के लिए पर्याप्त गतिविधियां उपलब्ध रहें। इसके लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी एवं वर्षभर में विभिन्न पर्यटन गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित करने के लिए मौसम और जल स्तर के अनुसार गतिविधियों का कैलेंडर बनाया जाएगा।

उन्होंने यहां तक कहा कि टिहरी झील क्षेत्र में नए ट्रैकिंग रूट्स और ट्रेल्स विकसित करने साथ ही आसपास के गांवों को पर्यटन से जोड़ने की आवश्यकता है। इससे पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, खान-पान, और ग्रामीण जीवन का अनुभव करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

स्थायी योजना और प्रस्तुतिकरण

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की समग्र कार्ययोजना और प्रस्तावित गतिविधियों पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार की जानी चाहिए, जिसे प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।

आगे की योजना के अंतर्गत, मुख्य सचिव ने अगली बैठक में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (THDC) के अधिकारियों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए, ताकि झील क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर समन्वित रूप से चर्चा की जा सके।

यह योजनाएं न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगी, बल्कि क्षेत्र के स्थानीय लोगों के लिए भी कई संभावनाएं खोलेंगी। इस बैठक की चर्चा के बाद, अब टिहरी झील क्षेत्र निश्चित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएगा।

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सादर,
टीम अम Rita बाजार पत्रिका, साक्षी शर्मा

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