टिहरी झील रिंग रोड परियोजना को मिली नई रफ्तार, भूमि अर्जन पर जनसुनवाई समाप्त
टिहरी झील रिंग रोड परियोजना को मिली नई रफ्तार, भूमि अर्जन पर जनसुनवाई समाप्त
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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी क्षेत्र में रिंग रोड निर्माण की प्रक्रिया तेज हुई है, जिसमें भूमि अर्जन और पुनर्वास के लिए जनसुनवाई संपन्न हुई है।
टिहरी गढ़वाल, 21 जुलाई 2026। मंगलवार को उप तहसील मदननेगी में, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में टिहरी झील के चारों ओर प्रस्तावित रिंग रोड निर्माण के लिए जनसुनवाई आयोजित की गई। यह जनसुनवाई भूमि अर्जन, पुनर्वसन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के अंतर्गत की गई थी। इस सुनवाई में 9 ग्रामों के 38 प्रभावित काश्तकारों ने भाग लिया और 17 काश्तकारों ने अपनी आपत्तियां एवं सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिन्हें प्राथमिकता के साथ निपटाने का आश्वासन दिया गया।
क्या है रिंग रोड परियोजना?
टिहरी झील रिंग रोड परियोजना का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को बढ़ावा देना है। रिंग रोड का निर्माण पूर्व निर्मित मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुधारीकरण के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल यातायात को सुगम बनाने में मदद करेगी, बल्कि स्थानीय व्यवसाय और रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगी।
जनसुनवाई के दौरान हुई चर्चा
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने सुस्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि सभी आपत्तियों का निस्तारण निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने सुनिश्चित किया कि प्रभावित ग्रामीणों को परियोजना और पुनर्वास संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा, “इस परियोजना का उद्देश जनहित एवं क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़ा है, और हम हर प्रभावित परिवार की समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं।”
आगामी चरण और योजनाएं
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि द्वितीय चरण की जनसुनवाई 22 जुलाई 2026 को डोबरा-चांठी पुल के समीप आयोजित की जाएगी। इसमें तहसील मदननेगी/टिहरी के शेष 9 ग्रामों के प्रभावित काश्तकारों की आपत्तियां एवं सुझाव सुने जाएंगे।
सामाजिक समर्पण
रिंग रोड परियोजना के संबंध में, प्रशासन ने यह वचनबद्धता व्यक्त की है कि सभी प्रभावित लोगों को उनकी समस्याओं का उचित समाधान मिलने तक उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। जनसुनवाई में मौजूद विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी नीलू चावला, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार, प्रभारी तहसीलदार मदननेगी प्रदीप कण्डारी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अंत में, यह जनसुनवाई स्थानीय समुदाय को यह विश्वास दिलाती है कि प्रशासन उनकी भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। यह सुनवाई न केवल विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा करने का भी एक उपाय है।
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साभार,
टीम अमrita बाजार पत्रिका, प्रिया कुमारी
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