टिहरी में विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण: 660 प्रतिभागियों ने लिया भाग
टिहरी में विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण: 660 प्रतिभागियों ने लिया भाग
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कम शब्दों में कहें तो, आज टिहरी गढ़वाल के राजकीय पॉलीटेकनिक संस्थान नरेंद्रनगर में एक अद्वितीय आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 660 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
टिहरी, 07 फरवरी 2026। जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) टिहरी गढ़वाल के तत्वावधान में आज एक दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण, त्वरित राहत-बचाव कार्य तथा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल के निर्देशों के अनुसार अपर जिलाधिकारी एवं आपदा प्रबंधन अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के मुख्य विषय
इस कार्यक्रम का संचालन मास्टर ट्रेनर श्री अनिल सकलानी द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रकार, आपदा के दौरान सावधानियों, आपदा से पूर्व की तैयारी तथा राहत-बचाव कार्यों की जानकारी दी गई।
साथ ही, प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को:
- बेसिक उपकरणों के उपयोग
- आपातकालीन स्थिति में आवश्यक कदम
- अस्थायी स्ट्रेचर बनाने की विधि
- प्राथमिक उपचार और CPR (Cardiopulmonary Resuscitation)
- आग से बचाव के उपाय
- जंगली जानवरों से सतर्क रहने के तरीके
- बाढ़ से सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी
इसी तरह की जानकारी के साथ, सहभागी प्रतिभागियों को जनपद और राज्य स्तर के आपातकालीन टोल-फ्री नंबरों की जानकारी भी प्रदान की गई। इसके अलावा, संस्थान परिसर में सुरक्षित स्थलों और निकासी मार्गों की पहचान भी कराई गई।
अतिरिक्त रूप से, 'भू देव ऐप' के बारे में भी जागरूक किया गया और उसे डाउनलोड व उपयोग करने की विधि समझाई गई। इस उपकरण से नागरिक अपनी सुरक्षा और आपदाओं के दौरान सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
साथी लोगों की सहभागिता
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कुल 660 प्रशिक्षणार्थियों, व्याख्याताओं, अनुदेशकों और संस्थान कर्मियों ने सहभागिता की। प्रधानाचार्य श्री ओमकार शर्मा ने भी प्रशिक्षण को अत्यंत आवश्यक बताया और भविष्य में इस तरह के आयोजनों का समर्थन किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, जिससे उनके प्रयासों और सीखने के अनुभव को मान्यता मिली।
उपसंहार
इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने लोगों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में सहयोग देने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। यह कार्यक्रम न केवल जन जागरूकता बढ़ाने में सहायक था, बल्कि स्थानीय समुदाय में आपदा की तैयारी को भी मजबूत करने में मददगार है।
निष्कर्ष रूप में, इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन न केवल शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमें आपदा प्रबंधन के प्रति सजग और तैयार रहने के प्रति भी प्रेरित करता है। अधिक अपडेट के लिए यहां क्लिक करें.
सादर,
टीम अमृति बाजार पत्रिका - कविता शर्मा
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