दून बासमती की खेती में नया जोश, 75 हेक्टेयर में बिखर रही फसल की खुशबू

Oct 4, 2026 - 07:44
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दून बासमती की खेती में नया जोश, 75 हेक्टेयर में बिखर रही फसल की खुशबू
दून बासमती की खेती में नया जोश, 75 हेक्टेयर में बिखर रही फसल की खुशबू

दून बासमती की खेती में नया जोश, 75 हेक्टेयर में बिखर रही फसल की खुशबू

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कम शब्दों में कहें तो, दून बासमती के पुनर्जीवन के प्रयासों ने विकासनगर क्षेत्र के खेतों में नई उम्मीदों को जन्म दिया है। मुख्य विकास अधिकारी, अभिनव शाह, ने हाल ही में विभिन्न गांवों का दौरा कर इस फसल की गुणवत्ता और संभावनाओं का आकलन किया।

दून बासमती का पुनर्जीवन एक महत्वपूर्ण कृषि पहल के रूप में उभरा है, जिससे विकासनगर क्षेत्र के खेतों में लहलहाती फसल न केवल किसान समुदाय के लिए आशा की किरण बनी है, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती का संकेत दे रही है। मुख्य विकास अधिकारी, अभिनव शाह, ने शनिवार को विकासनगर ब्लॉक के जस्सोवाला, ढकरानी, हरबर्टपुर और फतेहपुर ग्रांट गांवों का भ्रमण किया, जहां उन्होंने दून बासमती की फसल का स्थलीय निरीक्षण किया।

किसानों के साथ संवाद

अभिनव शाह ने किसानों से संवाद करते हुए कृषि संबंधी समस्याओं और उनके विचारों को सुना। उन्होंने फसल की स्थिति, गुणवत्ता और उत्पादन संभावनाओं का जायजा लिया। इस दौरान किसानों ने जैविक खेती में आ रही चुनौतियों, गुणवत्तापूर्ण बीज की समय पर उपलब्धता, फसल बीमा दावों में देरी और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की जानकारी दी।

अनुसंधान और प्रशिक्षण की आवश्यकता

कृषि विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, गोष्ठियों और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन करें। इससे किसानों को वैज्ञानिक और उन्नत कृषि पद्धतियों की सही जानकारी मिल सकेगी।

किसानों की बातें

जस्सोवाला गांव के किसान दिनेश गौड़ ने बताया कि दून बासमती की खेती करने में अपेक्षाकृत कम लागत आती है, जिससे किसान उत्साहित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दून बासमती का उचित मूल्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया ताकि किसान अपनी मेहनत का सही लाभ उठा सकें।

खेतों का विस्तार

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि दून बासमती के पुनर्जीवन के प्रयासों के तहत पिछले वर्ष 65 हेक्टेयर में खेती कराई गई थी। अब इस वर्ष इस क्षेत्र को बढ़ाकर 75 हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) के माध्यम से किसानों से सीधे उपज की खरीद की गई थी, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

उपयुक्त मूल्य निर्धारण से जुड़े कदम

इस दौरान, निरीक्षण में किसानों द्वारा उपज के उचित मूल्य की मांग तथा प्रमाणित बीज की उपलब्धता से संबंधित समस्याओं को उठाया गया। सीडीओ ने दून बासमती के मूल्य को शीघ्र निर्धारित करने के निर्देश दिए और इसके लिए एक सीड बैंक बनाने के भी सुझाव दिए हैं।

जैविक खेती की सराहना

मुख्य विकास अधिकारी ने हरबर्टपुर में दून बासमती की खेती कर रहे किसान सूर्य प्रकाश बहुगुणा के अमूल्य निधि ऑर्गेनिक फार्म का भ्रमण किया। उन्होंने जैविक खेती की गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए जैविक उत्पादों के उत्पादन के तरीकों की सराहना की।

अधिकारीगण की उपस्थिति

स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा, खंड विकास अधिकारी विकासनगर सोनम गुप्ता, जिला परियोजना प्रबंधक अशोक चतुर्वेदी, और अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण रही।

इस तरह से दून बासमती के पुनर्जीवन की पहल न केवल किसानों के लिए नई उम्मीदें लेकर आई है, बल्कि कृषि क्षेत्र की समृद्धि में एक महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध होगी।

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Team Amrita Bazaar Patrika

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