देहरादून में सफल राष्ट्रीय लोक अदालत: 12,444 मामलों का निस्तारण
देहरादून में सफल राष्ट्रीय लोक अदालत: 12,444 मामलों का निस्तारण
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में 12 सितंबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 12,444 मामलों का निस्तारण किया गया। यह आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में हुआ, जिसमें मा० जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल की अध्यक्षता में प्रक्रिया संचालित की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून ने यह लोक अदालत आयोजित की। इस कार्यक्रम में प्रातः 10.00 बजे से लेकर सायं 05.00 बजे तक जिला मुख्यालय देहरादून, ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी, और चकराता में विभिन्न मामलों का निस्तारण किया गया।
विभिन्न मामलों का निस्तारण
इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामले जैसे मोटर दुर्घटना क्लेम, सिविल मामले, पारिवारिक मामले, चैक बाउन्स से संबंधित मामले, शमनीय प्रकार के आपराधिक मामले, और अन्य संबंधित मामले संदर्भित किए गए। जनपद देहरादून में कुल 5,541 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें मोटर दुर्घटना क्लेम ट्राईबुनल के 73 मामले, पारिवारिक विवाद के 158 मामले, और विभिन्न स्वीकृत मामलों का निस्तारण शामिल है। इन मामलों में कुल 26,49,89,532 रूपये की धनराशि पर समझौता हुआ।
बाह्य न्यायालयों का योगदान
इसके अलावा, बाह्य न्यायालय विकासनगर के न्यायिक अधिकारियों ने 1,316 मामलों का निस्तारण करके 1,71,24,800 रूपये की धनराशि पर समझौता किया। बाह्य न्यायालय ऋषिकेश ने 557 मामलों को निस्तारित करके 2,59,13,969 रूपये का समझौता किया। इसी प्रकार, डोईवाला ने 179 मामलों का निस्तारण कर 1,16,58,219 रूपये और मसूरी ने 55 मामलों का निस्तारण करके 8,21,083 रूपये पर समझौता किया। चकराता न्यायालय ने 73 मामलों का निस्तारण कर 10,91,500 रुपये की धनराशि पर समझौता किया।
न्याय के सशक्त माध्यम के रूप में लोक अदालतें
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के अध्यक्ष, हरीश कुमार गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतें न्याय प्रणाली की गरिमा को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। ये अदालतें आपसी सहमति और संवाद को बढ़ावा देती हैं, जिससे समाज में शांति और भाईचारे का वातावरण बनता है। उन्होंने बताया कि लोक अदालतों द्वारा पारित निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होते हैं और निस्तारण के बाद पक्षकार को न्याय शुल्क भी वापस किया जाता है।
समर्पित प्रयासों का फल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा, "सभी न्यायिक अधिकारियों के समर्पित प्रयासों के कारण आज हम इस उल्लेखनीय निस्तारण को देखने में सफल हुए।" उनका यह भी कहना था कि यह आयोजन मा० जिला जज श्री हरीश कुमार गोयल जी के मार्गदर्शन का परिणाम है।
प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों और अन्य संस्थानों द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर के 6,903 मामलों का सफल निस्तारण भी किया गया। इस दौरान 3,84,03,943 रूपये की धनराशि पर पक्षकारों के मध्य समझौता किया गया। यह दर्शाता है कि प्रभावी और त्वरित निस्तारण के लिए यह एक सशक्त माध्यम है।
इस प्रकार, राष्ट्रीय लोक अदालतों का सफल आयोजन न केवल न्यायिक प्रणाली को सुदृढ़ करने में सहायक है, बल्कि आम जन को भी त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है। इसके माध्यम से समाज में आपसी सहमति और सौहार्द को प्रोत्साहन मिलता है।
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— टीम अम्रिता बाजार पत्रिका, श्रुति वर्मा
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