देहरादून: सिडकुल और सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्रों में धारा 163 लागू, प्रशासन की सख्त कार्रवाई
देहरादून में धारा 163 लागू; सुरक्षा के लिए उठाए गए कड़े कदम
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के औद्योगिक क्षेत्रों में तनाव को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने धारा 163 लागू की है। यह निर्णय जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा लिया गया है, जिसके तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर सेलाकुई और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
यह आदेश अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा जारी किया गया है। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और श्रमिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?
प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सेलाकुई स्थित कई बड़ी औद्योगिक इकाइयों में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों का विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। इसके परिणामस्वरूप, प्रभावित कंपनियों में लाइटैनियम टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, डिक्सन टेक्नोलॉजी, और ग्लोबल मेडिकोज शामिल हैं।
इन प्रतिष्ठानों में धरने के दौरान कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इंटेलिजेंस इनपुट के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक खबरें फैलाकर श्रमिकों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) को भी अलर्ट पर रखा गया है।
धारा 163 के तहत क्या हैं नए प्रतिबंध?
अपर जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अगले निर्देश तक सेलाकुई और सिडकुल क्षेत्रों में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी:
- हथियारों पर रोक: कोई भी व्यक्ति लाठी, डंडा, तलवार, बंदूक या अन्य कोई भी घातक वस्तु लेकर नहीं चल सकेगा।
- सामग्री जुटाने पर प्रतिबंध: ईंट, पत्थर या हिंसा में इस्तेमाल होने वाली किसी भी वस्तु को एकत्र करने पर पूरी तरह पाबंदी है।
- बिना अनुमति के प्रदर्शन नहीं: बिना प्रशासनिक अनुमति के नारेबाजी, लाउडस्पीकर का उपयोग, सार्वजनिक सभा, जुलूस या प्रदर्शन आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।
- 5 से अधिक लोगों के जुटने पर रोक: किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्र होने की अनुमति नहीं होगी।
- वाहनों के जुलूस पर रोक: बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों या अन्य वाहनों के समूह में जुलूस निकालने पर प्रतिबंध रहेगा।
- सरकारी संपत्ति की सुरक्षा: सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महत्वपूर्ण चेतावनी: प्रशासन ने साफ किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी की अपील: अफवाहों से बचें
देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने आम जनता, श्रमिक संगठनों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधन से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा और आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। लोग किसी भी तरह की अफवाहों या गलत सूचनाओं पर ध्यान न दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सभी संबंधित पक्षों को प्रशासन की तरफ से जारी की गई सूचनाओं का ध्यान रखना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक स्थिति से बचा जा सके।
निष्कर्ष
अगले कुछ दिनों में प्रशासन की सख्त कार्रवाई और स्थानीय पुलिस की निगरानी के कारण स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाले प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें यहां.
सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
माया शर्मा
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0