नई टिहरी में भव्य रामलीला की तैयारी: 19 अप्रैल को हनुमान ध्वज स्थापना समारोह
नई टिहरी में भव्य रामलीला की तैयारी: 19 अप्रैल को हनुमान ध्वज स्थापना समारोह
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
कम शब्दों में कहें तो, नई टिहरी में 19 अप्रैल 2026 को भव्य रामलीला का आयोजन होने जा रहा है जिसमें हनुमान ध्वज स्थापना का कार्यक्रम भी शामिल है।
टिहरी गढ़वाल से खबर है कि नवयुवक अभिनय श्री रामकृष्ण लीला समिति 1952 ने अगामी माह में होने वाली आधुनिक और दिव्य रामलीला मंचन की तैयारियों को तेज कर दिया है। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण हनुमान ध्वज की भव्य स्थापना होगी, जो 19 अप्रैल को अपराह्न 3:00 बजे से हनुमान चौक, नई टिहरी से शुरू होगी।
झांकी के साथ यह कार्यक्रम रामलीला मंच, बौराड़ी स्टेडियम तक पहुंचेगा, जहां विधिवत ध्वज स्थापना एवं पूजन समारोह सम्पन्न होगा। आयोजन समिति ने बताया कि शाम 7:00 बजे बसों की वापसी निर्धारित रूटों से होगी।
बसों की व्यवस्था
प्रतिभागियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समिति द्वारा दो मार्गों पर बसों का संचालन किया जाएगा: बस संख्या 1 का रूट:
- रामलीला मंच, बौराड़ी स्टेडियम
- सेक्टर 5A
- मोलधार कृष्ण चौक
- के ब्लॉक
- जे ब्लॉक
- गौशाला
- एफ ब्लॉक
- केंद्रीय विद्यालय
- हनुमान चौक, नई टिहरी
- रामलीला मंच, बौराड़ी स्टेडियम
- सेक्टर 7D
- गणेश चौक
- साईं चौक
- ओपन मार्केट
- मोलधार कृष्ण चौक
- पोस्ट ऑफिस चौक
- केंद्रीय विद्यालय
- हनुमान चौक, नई टिहरी
पात्रता चयन और अभ्यास
रामलीला मंचन के लिए पात्र चयन हेतु ऑडिशन एवं अभ्यास 20 अप्रैल 2026 से प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से रामलीला मंच, बौराड़ी स्टेडियम में किया जाएगा। इच्छुक कलाकारों से अनुरोध है कि वे समय पर पहुंचकर प्रतिभाग करें।
अधिक जानकारी के लिए इच्छुक कलाकार अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल (मोनू) से 9412920362, 7895829362 तथा महासचिव अमित पंत से 8287391739 पर संपर्क कर सकते हैं। आयोजन समिति ने क्षेत्रीय जनता, युवाओं एवं श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में पहुंचकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया है।
अधिक जानकारी और समाचारों के लिए हमारे पृष्ठ पर विजिट करें: Amrita Bazaar Patrika.
समुदाय के लिए यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी है, और युवा पीढ़ी को भी इस महान परंपरा से जोड़ने का अवसर है। रामलीला केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों की भी एक तस्वीर है।
समिति के इस प्रयास से स्थानीय जनजीवन में एक नई ऊर्जा का संचार होगा और सभी को इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा। हमें उम्मीद है कि कार्यक्रम स्थानीय लोगों का भरपूर समर्थन और भागीदारी प्राप्त करेगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए हमारी शुभकामनाएं।
— टीम अमृता बाजार पत्रिका, सुमन शर्मा
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0