नीलकंठ महादेव में बहुमंजिला पार्किंग और स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना
नीलकंठ महादेव में बहुमंजिला पार्किंग और स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना
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कम शब्दों में कहें तो, नीलकंठ महादेव मंदिर में 500 वाहनों की पार्किंग और आकस्मिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया जाएगा, जो तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा।
देहरादून। उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विभिन्न आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने का कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत पौड़ी गढ़वाल जिले के नीलकंठ महादेव मंदिर में बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है, जो तीर्थयात्रियों के लिए एक पारंगत कदम होगा।
सोमवार को राज्य सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में इस पार्किंग परियोजना की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। इस बैठक में कई उच्च अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें धीरेन्द्र कुमार सिंह (संयुक्त सचिव आवास), डीपी सिंह (अपर आयुक्त हुडा), बीरेन्द्र प्रसाद भट्ट (प्रोजेक्ट मैनेजर, पेयजल) शामिल थे।
पार्किंग की विस्तार जानकारी
आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि इस पार्किंग में 300 से अधिक चारपहिया और 200 से ज्यादा दोपहिया वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था की जाएगी। इससे न केवल यातायात दबाव कम होगा, बल्कि तीर्थ यात्रा के दौरान होने वाली अव्यवस्था और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
पार्किंग भवन में कुल चार स्तर होंगे, जिनमें भूतल (स्टिल्ट) सहित तीन फ्लोर ऊपर निर्माणीय होंगे। यह संपूर्ण ढांचा उच्चतम इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा, ताकि भारी भीड़ के समय भी वाहन सुरक्षित और सुचारु रूप से चल सकें। इस निर्माण कार्य की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए प्रशासन ने इसे प्राथमिकता दी है।
स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना
इस परियोजना में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है—पार्किंग परिसर में एक दो बेड का आकस्मिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र। यह विशेष रूप से दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं, खासकर बुजुर्गों को तात्कालिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा। साथ ही, अधिकारियों तथा राजकीय कर्मियों के लिए प्रतीक्षालय और विश्राम कक्ष की व्यवस्था भी की गई है।
नीलकंठ महादेव मंदिर से संबंधित इस परियोजना की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के लिए 29 जनवरी 2026 को विभागीय व्यय समिति की बैठक हुई थी। इसके बाद 23 फरवरी 2026 को सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में परियोजना से संबंधित विस्तृत दृष्टिकोण तैयार किया गया।
राज्य सरकार की प्राथमिकता
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के विज़न और मिशन के अनुसार, राज्य के धार्मिक स्थलों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं। यह बहुमंजिला पार्किंग केवल एक आधारभूत संरचना परियोजना नहीं है, बल्कि तीर्थ पर्यटन को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
अंत में, डॉ. कुमार ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सम्मानजनक अनुभव प्रदान करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाना है। सभी निगाहें इस परियोजना की अंतिम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति पर टिकी हुई हैं, जिसके बाद निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की संभावना है।
नीलकंठ महादेव मंदिर
नीलकंठ महादेव मंदिर, उत्तराखंड के ऋषिकेश से लगभग 32 किलोमीटर दूर (स्वर्गाश्रम के ऊपर) 1330 मीटर की ऊँचाई पर स्थित भगवान शिव का अत्यंत पवित्र तीर्थस्थल है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष (हलाहल) को यहीं ग्रहण करने के बाद भगवान शिव का गला नीला पड़ गया था, जिससे वे 'नीलकंठ' कहलाए।
नीलकंठ महादेव मंदिर के मुख्य विवरण:
- पौराणिक महत्व: यह स्थान वह पवित्र स्थल है जहाँ भगवान शिव ने विष पीने के बाद विश्राम किया।
- वास्तुकला: मंदिर के शिखर पर समुद्र मंथन के दृश्य चित्रित हैं और परिसर में प्राकृतिक जल स्रोत भी है।
- स्थान और पहुंच: यह नर-नारायण पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित है। ऋषिकेश से टैक्सी या पैदल पहुँच सकते हैं।
- दर्शन का समय: सुबह 5:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुला रहता है।
- यात्रा का समय: श्रावण मास और महाशिवरात्रि के दौरान यहाँ पर भीड़ होती है।
- आस-पास: मंदिर के पास पार्वती जी का मंदिर भी है, जो एक शांत वातावरण प्रदान करता है।
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Team Amrita Bazaar Patrika - Neha Sharma
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