पंतनगर विश्वविद्यालय में ‘ब्रेन 3.0’ पूर्व छात्र सम्मेलन की शुरुआत; केंद्रीय कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

Jun 26, 2026 - 21:44
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पंतनगर विश्वविद्यालय में ‘ब्रेन 3.0’ पूर्व छात्र सम्मेलन की शुरुआत; केंद्रीय कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
पंतनगर विश्वविद्यालय में ‘ब्रेन 3.0’ पूर्व छात्र सम्मेलन की शुरुआत; केंद्रीय कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

पंतनगर विश्वविद्यालय में ‘ब्रेन 3.0’ पूर्व छात्र सम्मेलन की भव्य शुरुआत

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कम शब्दों में कहें तो, पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन ‘ब्रेन 3.0’ का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

पंतनगर का ऐतिहासिक महत्व

पंतनगर विश्वविद्यालय, भारतीय कृषि की हरित क्रांति का जन्म स्थली माना जाता है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस सम्मेलन में संबोधित करते हुए कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय ने देश को न केवल वैज्ञानिक एवं नीति-निर्माता प्रदान किए हैं, बल्कि यह भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में, न केवल देश की बल्कि विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर है।

खाद्यान्न उत्पादन में उपलब्धियाँ

चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का खाद्यान्न उत्पादन आज लगभग 377 मिलियन टन है और इस उपलब्धि में पंतनगर विश्वविद्यालय का योगदान अद्वितीय है। भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व में पहला स्थान हासिल कर लिया है। गेहूं का उत्पादन भी अधिशेष है, जिससे भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ रही है।

जलवायु परिवर्तन और कृषि चुनौतियाँ

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान में भारतीय कृषि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। बढ़ता तापमान और घटता भूजल स्तर इस क्षेत्र के लिए गंभीर खतरे हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कृषि वैज्ञानिकों और विश्वविद्यालयों की भूमिका भविष्य की चुनौतियों का समाधान खोजने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पर्यावरण संरक्षण की अपील

पर्यावरण संरक्षण को लेकर चौहान ने कहा कि उन्हें प्रतिदिन एक पौधा लगाने की आदत है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने जन्मदिन पर एक पौधा अवश्य लगाएं। यह समय की आवश्यकता है कि हम पर्यावरण की रक्षा करें।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारंपरिक फसलों के संरक्षण और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पूर्व छात्रों को राज्य के विकास में अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करने हेतु प्रेरित किया। धामी ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय, केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि हरित क्रांति का केंद्र है।

‘ब्रेन 3.0’ कार्यशाला का उद्देश्य

मुख्यमंत्री ने ‘ब्रेन 3.0’ कार्यशाला की सराहना करते हुए इसे ज्ञान और नवाचार का एक महत्वपूर्ण मंच बताया। इस कार्यशाला के माध्यम से पूर्व छात्र कृषि, अनुसंधान और नवाचार में सक्रिय योगदान कर सकते हैं।

पूर्व छात्रों की भूमिका

उन्होंने पूर्व छात्रों से आग्रह किया कि वे युवाओं को मेंटरशिप, अनुसंधान कार्यों में सहयोग, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करें। धामी ने कहा कि आज का युवा केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से बदलाव की दिशा में अग्रसर है।

उत्तराखंड का समावेशी विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि गांव, गरीब, किसान, महिलाएं और युवा सभी समावेशी विकास में शामिल हों। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंतनगर विश्वविद्यालय और उसके पूर्व छात्रों का सहयोग उत्तराखंड के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आगे की दिशा

इस सम्मेलन में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हालांकि राज्य गठन के बाद कृषि भूमि की कमी आई है, लेकिन कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय को हेरिटेज विश्वविद्यालय घोषित करने का अनुरोध किया।

कुलपति डॉ. एस. के. कश्यप ने उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया और इस सम्मेलन को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए धन्यवाद दिया।

अंत में, यह सम्मेलन न केवल पूर्व छात्रों को एक मंच प्रदान करता है, बल्कि उन्हें उत्तराखंड की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित भी करता है। इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन भारतीय शिक्षा प्रणाली और कृषि में नवाचार लाने में सहायक होगा।

फिर से एक बार, पंतनगर विश्वविद्यालय ने यह साबित कर दिया है कि वह केवल एक शिक्षा संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय कृषि का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में धान की फसल की रोपाई भी की और विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों को मिलकर एक साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के सम्मेलन से विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों को नई दिशाएँ मिलेंगी और वे अपने ज्ञान से राज्य और देश के विकास में योगदान कर सकेंगे।

इसके साथ ही, यह सम्मेलन पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों की अद्वितीय पहचान को और मजबूत करेगा।

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Team Amrita Bazaar Patrika - प्रिया शर्मा

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