परीक्षा के एक दिन पहले छात्रों को पुस्तकें नहीं मिलीं, शिक्षा विभाग में हड़कंप

Feb 12, 2026 - 14:44
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परीक्षा के एक दिन पहले छात्रों को पुस्तकें नहीं मिलीं, शिक्षा विभाग में हड़कंप
परीक्षा के एक दिन पहले छात्रों को पुस्तकें नहीं मिलीं, शिक्षा विभाग में हड़कंप

परीक्षा आज और पुस्तक नहीं मिली छात्र-छात्राओं को?

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कम शब्दों में कहें तो, पौड़ी गढ़वाल के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पाँसी में कला एवं संगीत विषय की पुस्तकें परीक्षा के एक दिन पहले भी छात्रों को उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। यह घटना छात्रों के वार्षिक मूल्यांकन में गंभीर संकट उत्पन्न कर रही है।

पौड़ी के प्रधानाध्यापक राम सिंह रावत ने एससीईआरटी, उत्तराखंड को पत्र लिखकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि छात्रों के पास कला और संगीत की विषयवस्तु का कोई ज्ञान नहीं है, क्योंकि आवश्यक पुस्तकें अभी तक विद्यालय नहीं पहुंची हैं। इस परिप्रेक्ष्य में स्कूल स्टाफ और अभिभावक दोनों गहरे संकट में हैं।

पुस्तकों का आपूर्ति न होना एक गंभीर मुद्दा

पौड़ी गढ़वाल में वार्षिक मूल्यांकन 12 फरवरी को निर्धारित है। छात्रों को एक साल से इन पुस्तकों का इंतजार था, लेकिन परीक्षा से ठीक पहले ऐसी स्थिति में छात्र-छात्राएँ घर पर उपयोगी सामग्री के बिना हैं। शिक्षा विभाग ने पहले से निर्देश दिया था कि कला एवं संगीत की चयनित पाठ्य पुस्तक ही मूल्यांकन के लिए उपयोग की जाए, लेकिन यह निर्देश अब असंभव लगता है। 19 छात्र-छात्राओं का वार्षिक मूल्यांकन 12 फरवरी को 1 बजे होना है, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है।

प्रधान अध्यापक की आपत्ति

प्रधान अध्यापक राम सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने 11 फरवरी को एससीईआरटी को पत्र प्रेषित किया था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि कक्षा 6 के लिए कला एवं संगीत विषय की पाठ्यपुस्तक विद्यालय में उपलब्ध नहीं कराई गई है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि छात्रों का मूल्यांकन कर पाना मुश्किल होगा यदि उनके पास पाठ्य पुस्तकें नहीं होंगी।

आवश्यक जानकारी का आश्वासन

मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. मुकुल सती ने बताया कि छात्र-छात्राओं को 'कृति' नामक पुस्तक सामान रूप से वितरित की गई है, लेकिन छात्रों तक इसका पहुंचना एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। यदि पुस्तकें नहीं मिली हैं, तो यह स्वास्थ्य एवं शिक्षा की गंभीर चिंताओं का संकेत है।

उन्होंने इस विषय पर कहा कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हैं और जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत भी पौड़ी जिले से हैं, जो इस मुद्दे को समझेंगे और आवश्यक निर्देश देंगे।

छात्रों के भविष्य पर असर

यदि जल्द ही पुस्तकें प्राप्त नहीं होती हैं, तो विद्यार्थियों का मूल्यांकन प्रभावित होगा, जो उनके भविष्य के लिए उचित नहीं है। अभिभावकों के प्रवक्ता ने चिंता प्रकट की है कि ये पुस्तकें विद्यार्थियों को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक हैं। इसलिए, इस मुद्दे का समाधान समय पर होना आवश्यक है।

प्रधान अध्यापक ने एससीईआरटी से अनुरोध किया है कि शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करते हुए कला एवं संगीत विषय की पाठ्यपुस्तक की पीडीएफ प्रति उपलब्ध कराई जाए ताकि छात्रों का समय पर मूल्यांकन हो सके।

इस संकट के बीच, शिक्षा का महत्व हमें यह याद दिलाता है कि ना केवल पुस्तकें, बल्कि शिक्षा की प्रक्रिया में सभी पहलुओं की उचित तैयारी आवश्यक है।

इस प्रकार की समस्याएँ न केवल छात्रों के लिए बल्कि पूरे शिक्षा प्रणाली के लिए एक गंभीर चुनौती हैं। हमें उम्मीद है कि सभी संबंधित अधिकारी इस संबंध में तत्परता दिखाएंगे और स्थिति को ठीक करेंगे।

अंततः, यह अपेक्षित है कि शिक्षा का स्तर बेहतर हो और छात्रों को उनकी आवश्यक पुस्तकें समय पर उपलब्ध करा दी जाएं।

लेखक: सुमिता शर्मा

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