पीयूष ने पद्मश्री बसंती बिष्ट को समर्पित किया लघु शोध

Feb 6, 2026 - 14:44
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पीयूष ने पद्मश्री बसंती बिष्ट को समर्पित किया लघु शोध
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पीयूष ने पद्मश्री बसंती बिष्ट को समर्पित किया लघु शोध

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कम शब्दों में कहें तो, युवा शोधकर्ता पीयूष धामी ने प्रतिष्ठित पद्मश्री बसंती बिष्ट के जीवन पर आधारित एक समर्पित लघु शोध प्रस्तुत किया, जिसमें उनकी संघर्ष की कहानी और लोक संस्कृति के प्रति उनके योगदान को दर्शाया गया है।

देहरादून। उत्तराखंड की लोक संस्कृति और विशेषकर पारंपरिक गायन विधा 'जागर' के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली पहली महिला जागर गायिका, पद्मश्री बसंती बिष्ट, अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना करते हुए इस विधा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सफल रही हैं। युवा कलाकार और शोधकर्ता, पीयूष धामी ने बसंती बिष्ट के जीवन पर आधारित एक विस्तृत लघु शोध तैयार किया और उन्हें भेंट किया।

पीयूष धामी द्वारा तैयार इस शोध में बसंती बिष्ट जी के बचपन, गायन के क्षेत्र में प्रवेश करने की चुनौतियों और जागर विधा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के सफर का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह शोध बसंती बिष्ट के संघर्ष और समर्पण को सराहने वाली एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।

पीयूष द्वारा लघु शोध प्रस्तुत करते हुए

पीयूष ने बताया कि इस शोध का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं को आने वाली पीढ़ी के लिए दस्तावेजी रूप में सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा, “मेरा उद्देश्य केवल जागर विधा का संग्रहण करना नहीं है, बल्कि इसे एक जीवंत परंपरा के रूप में प्रस्तुत करना भी है। समय के साथ इसमें परिवर्तन लाना आवश्यक है ताकि यह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बन सके।”

इस अवसर पर, पद्मश्री बसंती बिष्ट ने पीयूष के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “जब युवा अपनी जड़ों और लोक कलाओं पर शोध करते हैं, तभी हमारी संस्कृति जीवित रहती है।” उन्होंने पीयूष के कार्यों की प्रशंसा की और उन्हें भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।

पीयूष धामी का मानना है कि ऐसे शोध कार्यों से न केवल कलाकारों को सम्मान मिलता है, बल्कि नए शोधार्थियों के लिए संदर्भ सामग्री भी तैयार होती है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और संस्कृति प्रेमियों ने पीयूष को हार्दिक बधाई दी है। यह शोध न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे उत्तराखंड की संस्कृति को सहेजने का एक प्रयास है।

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साभार, टीम अमrita Bazaar Patrika।

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