प्रदेश में खुलेंगे तीन नए जिला सहकारी बैंक, मिलेगा बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार

Mar 6, 2026 - 07:44
 162  501.8k
प्रदेश में खुलेंगे तीन नए जिला सहकारी बैंक, मिलेगा बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार
प्रदेश में खुलेंगे तीन नए जिला सहकारी बैंक, मिलेगा बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार

प्रदेश में खुलेंगे तीन नये जिला सहकारी बैंक

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में सहकारी बैंकों का विस्तार किया जाएगा।

देहरादून: उत्तराखंड राज्य में सहकारी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने मंगलवार को यह ऐलान किया कि प्रदेश के तीन जनपदों में नए जिला सहकारी बैंकों की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही 55 नई शाखाएं भी खोली जाएंगी। इस कदम से न केवल बैंकिंग सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध होंगी, बल्कि सहकारी आंदोलन को भी नवजागरण मिलेगा।

सरकारी बैठक में लिया गया निर्णय

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने सरकारी निवास पर राज्य सहकारी बैंक और जिला सहकारी बैंकों के जिम्मेदार व्यक्तियों के साथ एक वर्चुअल बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में सभी जिला सहकारी बैंकों के महाप्रबंधक तथा सहायक निबंधक भी जुड़े थे, जहाँ सहकारी बैंक की सक्रियताओं और विकास योजनाओं पर चर्चा की गई।

एनपीए वसूली को लेकर सख्त निर्देश

बैठक में डॉ. रावत ने बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते एनपीए (NPA) की समस्या पर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने सभी महाप्रबंधकों को निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर एनपीए वसूली के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य पूरा करने में विफल रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को लेकर नया कदम

डॉ. रावत ने कहा कि 1 अप्रैल से प्रदेश की शीर्ष सहकारी समितियों में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और अनुशासन लाना है, जिससे सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में और सुधार हो सके।

जनपदों में अधिकारियों की भूमिका

जनपदों के प्रभारी अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्रों में सहकारी समितियों की बैठकों का आयोजन करें एवं ग्राउंड जीरो पर जाकर निरीक्षण करें। मंत्री ने कहा कि वे इस प्रक्रिया की विशेष रूप से निगरानी करेंगे ताकि सहकारी तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

संभावित लाभ और प्रभाव

नई सहकारी बैंकों की स्थापना और शाखाओं का विस्तार ग्रामीण विकास को गति प्रदान करेगा। खासकर उन क्षेत्रों में जहां अभी तक बैंकिंग सुविधाओं की कमी थी। इससे किसानों और छोटे व्यवसायियों के लिए विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही, सहकारी बैंकिंग प्रणाली में सुधार होने से ग्राहकों का विश्वास भी बढ़ेगा।

इस प्रकार, सरकार का यह कदम न केवल सहकारी बैंकों की संख्या बढ़ाएगा, बल्कि ग्राहकों को बेहतर सेवाएं भी प्रदान करेगा।

इस विषय पर और अपडेट के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट पर नियमित रूप से विजिट करें: www.amritabazaarpatrika.com

साइन ऑफ: टीम अम Rita Bazaar Patrika, Neha Sharma

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0