बद्रीनाथ धाम: आस्था के नए कीर्तिमान ने बदली छवि
बद्रीनाथ धाम: आस्था के नए कीर्तिमान ने बदली छवि
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कम शब्दों में कहें तो, बद्रीनाथ में आस्था का नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा का प्रगति का नया आयाम देखने को मिला है, जहां दर्शनार्थियों की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
देहरादून। चारधाम यात्रा के अंतर्गत अब बद्रीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या ने ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। इस वर्ष, बद्रीनाथ धाम में दर्शनarthयों की संख्या अब तक 17 लाख 79 हजार 805 तक पहुँच चुकी है, जो कि धाम के इतिहास में एक रिकॉर्ड है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 अप्रैल को प्रारम्भ हुई बद्रीनाथ यात्रा ने 22 सितंबर को 153 दिनों में यह अद्वितीय आंकड़ा प्राप्त किया है।
मौसम और सरकार की पहल से बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड राज्य की स्थापना के समय 2000 में बद्रीनाथ धाम में केवल 06 लाख 95 हजार 332 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इसके बाद, 2007 में यह आंकड़ा 07 लाख 68 हजार 107 तक पहुँच गया। परंतु, 2014 में हुई भीषण आपदा के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई और यह घटकर केवल 01 लाख 59 हजार 575 पर सिमट गई।
लेकिन धामी सरकार के प्रभावी यात्रा प्रबंधन और यात्री सुविधाओं में सुधार के कारण 2022 से श्रद्धालुओं की संख्याओं में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। वर्ष 2022 में 17,63,578, 2023 में 17,80,429, 2024 में 17,74,264 और 2025 में 17,78,298 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। अब मौसम में सुधार होने के साथ यही संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। मंगलवार को 6,685 श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ धाम में दर्शन किए।
यात्री सुविधाओं के विस्तार के कदम
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक महत्व के अनुरूप भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप में विकसित करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।
- पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड
बद्रीनाथ धाम के प्रति श्रद्धा और आस्था में वृद्धि का मुख्य कारण यहां की सरकार की प्रभावी नीतियों और व्यवस्थाओं का होना है। अधिक संख्या में श्रद्धालुओं का आना एक सकारात्मक संकेत है, जो आगे चलकर उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने में मदद करेगा।
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संपर्क करें: टीम अमृता बाजार पत्रिका की सदस्य सामंथा चक्रवर्ती.