बेटियों की पहल से नशे के खिलाफ मशाल उठेगी: डॉ. धन सिंह रावत
बेटियों की पहल से नशे के खिलाफ मशाल उठेगी: डॉ. धन सिंह रावत
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कम शब्दों में कहें तो, एमकेपी पीजी कॉलेज में 100 दिवसीय नशामुक्ति महाभियान का उद्घाटन किया गया, जिसमें प्रदेश की बेटियों ने नशे के खिलाफ जागरूकता का संकल्प लिया है।
देहरादून, 29 अगस्त 2026। उत्तराखंड में युवा वर्ग को नशे की लत से दूर रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आज एमकेपी पीजी कॉलेज से 100 दिवसीय नशामुक्ति महाभियान की शुरुआत की गई, जिसमें बेटियां नशे के खिलाफ जागरूकता की मशाल उठायेंगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों की ओर आकर्षित करना है।
महाभियान का उद्घाटन
इस महाभियान का उद्घाटन विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया। उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि नशा न केवल युवाओं की ऊर्जा और संभावनाओं को प्रभावित करता है, बल्कि यह पूरे समाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए जागरूकता और जनभागीदारी पर आधारित विभिन्न अभियानों का आयोजन किया है।
महिला शक्ति की भूमिका
डॉ. रावत ने कहा कि इस महाभियान की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य बेटियों को नशामुक्ति के सामाजिक सशक्तिकरण की वाहक बनाना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने हमेशा समाज में परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और इस महाभियान में छात्राओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होगी। इसके माध्यम से छात्राएं न केवल नशे के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय होंगी, बल्कि वे समाज के अन्य वर्गों को भी जागरूक करेंगी।
जागरूकता कार्यक्रम
अगले 100 दिनों में विभिन्न विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों से भी आग्रह किया गया कि वे छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में अवगत कराएँ। डॉ. रावत ने इस बात पर जोर दिया कि नशे से बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह परिवार, शिक्षण संस्थान और पूरे समाज का साझा दायित्व भी है।
अभियान में प्रेरणा
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बबीता दीदी ने कहा कि नशे के बजाय सकारात्मक विचार और स्वस्थ आदतें अपनाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही मानसिक चिकित्सक डॉ. रोहित गोंदवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला और युवाओं को इसके मानसिक और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक किया।
प्रतियोगिताएँ और पुरस्कृत विजेता
महाविद्यालय के एंटी ड्रग सेल ने “नशा एक अभिशाप” विषय पर डिजिटल एवं हस्तनिर्मित पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें नैना, दीक्षा और मरियम जैदी को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। खेलकूद समिति द्वारा आयोजित मैराथन में भी कई विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सभी विजेताओं को डॉ. धन सिंह रावत ने पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान करके सम्मानित किया।
समापन सत्र
इस महाभियान के समापन पर डॉ. रावत ने विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई और उन्हें नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक उत्तराखंड की दिशा में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एल्वी दास और डॉ. पुनीत सैनी ने किया।
इस अभियान के माध्यम से हम सभी मिलकर नशे के खिलाफ एक सशक्त मुहिम चला सकते हैं और अपने समाज को स्वस्थ बना सकते हैं। स्रोत: Amrita Bazaar Patrika
Team Amrita Bazaar Patrika
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