भाजपा प्रमुख नितिन नबीन ने धामी और अरविंद पांडे में कराया गठबंधन, उत्तराखण्ड की सियासी गुटबाजी में खुशगवार मोड़

May 30, 2026 - 21:44
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भाजपा प्रमुख नितिन नबीन ने धामी और अरविंद पांडे में कराया गठबंधन, उत्तराखण्ड की सियासी गुटबाजी में खुशगवार मोड़
भाजपा प्रमुख नितिन नबीन ने धामी और अरविंद पांडे में कराया गठबंधन, उत्तराखण्ड की सियासी गुटबाजी में खुशगवार मोड़

भाजपा प्रमुख नितिन नबीन ने धामी और अरविंद पांडे में कराया गठबंधन, उत्तराखण्ड की सियासी गुटबाजी में खुशगवार मोड़

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कम शब्दों में कहें तो, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उत्तराखण्ड में चल रहे सियासी संकट को सुलझाने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी और विधायक अरविंद पांडे के बीच सुलह करवा दी। यह घटनाक्रम खासकर 30 मई को हुआ जब नबीन ने अपने दौरे के अंतिम दिन धामी और पांडे के हाथ मिलवाए।

हाल ही में, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उत्तराखण्ड के दौरे के दौरान देहरादून में कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया। विशेषकर गदरपुर के विधायक अरविंद पांडे और सीएम धामी के बीच बढ़ती दूरियों को खत्म करने का प्रयास विशेष रूप से ध्यान में रहा। यह सुलह एक गोपनीय बैठक के बाद हुई, जिसमें सभी महत्वपूर्ण पदाधिकारी मौजूद थे।

सूत्रों से मिली जानकारी

इस सुलह की सबसे खास बात यह है कि नितिन नबीन ने एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान अरविंद पांडे को बुलाया। उस समय लगभग 4.30 बजे बीजापुर सेफ हाउस में एक बंद कमरे में नबीन, पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम और संगठन महामंत्री अजेय कुमार के साथ पांडे ने करीब 25 मिनट बातचीत की। इस चर्चा में पांडे की समस्याओं को सुनने के बाद, नबीन ने सीएम धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को आमंत्रित किया।

वार्ता के दौरान लगभग 20 मिनट तक हलचल पर चर्चा हुई, जिसके बाद पांडे ने वचन दिया कि भविष्य में ऐसा कुछ नहीं होगा जिससे पार्टी की स्थिति प्रभावित हो। इस विचार-विमर्श के बाद नबीन ने धामी और पांडे के हाथों को आपस में मिलवाकर सुलह की राह तैयार की।

गुटीय संघर्ष का संदर्भ

पिछले कुछ समय से गदरपुर के भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने सीएम धामी पर कई तीखे वार किए थे। ज़मीनों से संबंधित मामलों के चलते पांडे और उनके परिवार पर मामले दर्ज होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई थी। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और सांसद अनिल बलूनी के खुला समर्थन देने के बाद इस संकट ने और भी गंभीर रूप ले लिया।

पांडे की मांग थी कि उन्हें भू माफिया बताते हुए दर्ज मामलों की सीबीआई जांच कराई जाए। एक बोली में, उन्होंने यह भी कहा कि अब वह फ्रीडम फाइटर परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

खुशगवार मोड़

नितिन नबीन के इस सफल दखल ने भाजपा के अंदर के संकट को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी यात्रा के अंत में, धामी, पांडे, दुष्यंत गौतम और महेंद्र भट्ट एक कार में सवार होकर नई मंजिल की ओर बढ़ चले। यह सुलह उत्तराखण्ड भाजपा के लिए एक सुखद अंत साबित हुआ है।

इस पूरी घटना ने भाजपा के गुटीय संघर्ष को समाप्त करने में एक महत्वपूर्ण मोड़ दिया है। अब सभी के एकजुट होकर काम करने की संभावना बढ़ गई है। आगे बढ़ने के लिए यह बहुत जरूरी है कि सभी पार्टी के नेता एक साथ मिलकर काम करें।

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संपूर्ण और सटीक जानकारी देने का प्रयास करती पत्रकारिता में आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।

सादर,
टीम अमrita बाजार पत्रिका,
मीना मित्रा

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