महिलाओं के अधिकारों का सशक्तिकरण: सीएम धामी का विपक्ष पर कड़ा आरोप - नारी शक्ति वंदन अधिनियम

Apr 19, 2026 - 21:44
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महिलाओं के अधिकारों का सशक्तिकरण: सीएम धामी का विपक्ष पर कड़ा आरोप - नारी शक्ति वंदन अधिनियम
महिलाओं के अधिकारों का सशक्तिकरण: सीएम धामी का विपक्ष पर कड़ा आरोप - नारी शक्ति वंदन अधिनियम

महिलाओं के अधिकारों का सशक्तिकरण: सीएम धामी का विपक्ष पर कड़ा आरोप

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने का आरोप लगाया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने इसे केवल विधायी पहल नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के भविष्य से जोड़ा।

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय-निर्माण में समान भागीदारी देने की दिशा में यह एक अभूतपूर्व कदम हो सकता था। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने की कोशिश कर रहा है, जिससे लोकतंत्र अधिक समावेशी और संतुलित होगा। लेकिन विपक्षी दल जैसे कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इसे सफल होने नहीं दिया।

विपक्ष के रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह महिलाओं की आकांक्षाओं और अधिकारों के प्रति उनकी वास्तविक सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश में जब भी महिलाओं को सशक्त बनाने के ठोस कदम उठाए जाते हैं, तब विपक्ष किसी न किसी बहाने से इन प्रयासों को रोकने का प्रयास करता है।

महिलाओं के लिए आरक्षण की ओर बढ़ते कदम

सीएम ने बताया कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों को दबाने का रहा है। जब 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव आया, तो विपक्ष ने भ्रामक तर्कों के जरिए इसे टालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं था, बल्कि महिलाओं की प्रगति को रोकने का प्रयास था।

परिसीमन मुद्दे पर विपक्ष का भ्रामक प्रचार

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि विपक्ष द्वारा परिसीमन प्रक्रिया को लेकर फैलाए गए भ्रम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व को प्रभावित नहीं करेगी बल्कि संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगी।

आज की महिला: सशक्त और जागरूक

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समय महिलाओं के लिए एक नया अवसर है। महिलाएं अब केवल घर तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि वे राजनीति, शिक्षा, खेल और उद्यमिता जैसे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें निर्णय-निर्माण की मुख्यधारा से दूर रखना न तो न्यायसंगत है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप।

भविष्य में मातृशक्ति का प्रभाव

सीएम धामी ने विश्वास जताया कि आने वाला समय देश की मातृशक्ति उन दलों को करारा जवाब देगा जो उनके अधिकारों में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल दर्शक के रूप में नहीं रहेंगी, बल्कि वे देश की नीति और दिशा निर्धारित करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएँ और कार्यक्रम लागू कर रही हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है जो इस दिशा में मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारें महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं, और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे जो मातृशक्ति को सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानित बनाने में सहायक सिद्ध हों। उन्होंने आशा जताई कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी और महिलाओं को उनका उचित स्थान प्राप्त होगा।

इस बात का ध्यान रखें कि महिलाएं अब सिर्फ दर्शक नहीं हैं, बल्कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं।

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सादर, टीम अमृता बाजार पत्रिका (स्वाती शर्मा)

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