मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का आदेश: प्रदेश में शीघ्र शुरू होगा स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C)

Jul 14, 2026 - 00:44
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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का आदेश: प्रदेश में शीघ्र शुरू होगा स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C)
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का आदेश: प्रदेश में शीघ्र शुरू होगा स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C)

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का आदेश: प्रदेश में शीघ्र शुरू होगा स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C)

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कम शब्दों में कहें तो: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने साइबर क्राइम से लड़ने के लिए स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) शीघ्र स्थापित करने का निर्देश दिया है, जिससे साइबर अपराधों पर नियंत्रण तथा पीड़ितों की सहायता में तेजी लाई जा सके।

सोमवार को सचिवालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिव गृह एवं पुलिस अधिकारियों के साथ प्रदेश में साइबर अपराधों की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) को जल्द से जल्द स्थापित किया जाए। मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि इस सेंटर की स्थापना से केंद्र, राज्य और जनपदों के बीच सहयोग में सुधार होगा, जिससे पीड़ितों को त्वरित राहत मिल सकेगी।

साइबर पुलिस स्टेशनों की मजबूती

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी साइबर पुलिस स्टेशनों को भी अधिक सक्षमता के साथ स्थापित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने 1930 हेल्पलाइन को भी व्यवस्थित और मजबूत करने के लिए निर्देशित किया, ताकि नागरिकों को सहायता मिल सके। इसके साथ ही, उन्होंने 1930 कॉल सेंटर की मैनपावर बढ़ाने का भी आदेश दिया যাতে रिस्पॉन्स टाइम को कम किया जा सके।

ई-जीरो एफआईआर सिस्टम का सुधार

मुख्य सचिव ने प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर सिस्टम को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि इसके कार्य का तेजी से समन्वयन कर शत-प्रतिशत एफआईआर में परिवर्तन किया जाए और इसे सीसीटीएनएस के साथ एकीकृत किया जाए। इससे नागरिकों को समय पर उनकी शिकायतों का निवारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

प्रो-एक्टिव 접근 और जन जागरूकता

उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड के मामलों में, अधिकांश लोग जानकारी के अभाव में समय पर शिकायत नहीं कर पाते और ना ही मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल का लाभ उठा पाते हैं। इसके लिए पुलिस विभाग को प्रो-एक्टिव तरीके से पीड़ितों की सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि शिकायत निवारण मॉड्यूल और धनराशि वापसी मॉड्यूल के प्रति आम जन में जागरूकता लाने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया का उपयोग किया जाए।

शिकायत निवारण पर जोर

मुख्य सचिव ने यह भी निश्चित किया कि शिकायत निवारण मॉड्यूल (जीआरएम) पर प्राप्त शिकायतों का समाधान समयसीमा के अंतर्गत किया जाए। उन्होंने साइबर क्राइम के मद्देनजर पुलिस विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण एवं कैपेसिटी बिल्डिंग को बढ़ावे देने वाली कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने साईबर कमांडो की संख्या बढ़ाने पर भी बल दिया।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के ये निर्देश निश्चित रूप से प्रदेश में साइबर अपराधों को रोकने और पीड़ितों को जल्द सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। उनकी स्पष्टता और तात्कालिकता से यह साबित होता है कि प्रशासन साइबर सुरक्षा के प्रति गंभीर है।

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— Team Amrita Bazaar Patrika

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