मुख्यमंत्री का विश्वास: नियुक्ति पत्र जनसेवा का प्रतीक और उत्तराखंडवासियों की उम्मीदें
मुख्यमंत्री का विश्वास: नियुक्ति पत्र जनसेवा का प्रतीक और उत्तराखंडवासियों की उम्मीदें
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न सरकारी पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया है।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित एक समारोह में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 में चयनित 182 अभ्यर्थियों और कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में वैयक्तिक सहायक के पद पर चयनित 5 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर, उन्होंने नवचयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र सिर्फ सरकारी सेवा का प्रवेश पत्र नहीं है, बल्कि यह सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास और जनसेवा के प्रति संकल्प का प्रतीक है।
नियुक्तियों का महत्व
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब प्रत्येक अधिकारी की पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसकी कार्यशैली, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण से बनती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा-2024 में लगभग डेढ़ लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था और इनमें से 71 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से मात्र 182 अभ्यर्थियों का चयन हुआ।
यह सफलता चयनित अभ्यर्थियों की प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लोकतंत्र में पद का अर्थ केवल शासन करना नहीं है, बल्कि यह जनता की सेवा करना भी है। राज्य सरकार लगातार ऐसे उपाय कर रही है ताकि हर नागरिक को सरकारी सेवा का लाभ मिले और वे समयबद्ध समाधान पा सकें।
सरकारी प्रक्रिया में पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप युवाओं का भर्ती परीक्षाओं के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले चार वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ सरकारी सेवाओं में नियुक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर युवा को उसकी प्रतिभा और योग्यता के अनुसार अवसर प्रदान करना है, ताकि उन्हें रोजगार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि पहाड़ के पानी और जवानी को उत्तराखंड के विकास की सबसे बड़ी शक्ति बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
भविष्य की दिशा
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। इस संकल्प को साकार करने में नवचयनित अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नीतियां बनाती है, लेकिन इनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अधिकारियों और कर्मचारियों की होती है।
मुख्यमंत्री धामी ने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे ईमानदारी और निष्पक्षता से कार्य करें, ताकि जनता का विश्वास बना रहे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, धन सिंह रावत, रामसिंह कैड़ा, विधायक सविता कपूर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
उम्मीद की जाती है कि इस नियुक्ति पत्र से न केवल नवचयनित अभ्यर्थियों का जीवन बदलेगा, बल्कि यह उत्तराखंड के विकास में भी एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
अधिक जानकारी के लिए, हमारे साथ जुड़े रहें: अमृत बाजार पत्रिका.
सादर, टीम अमृत बाजार पत्रिका
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0