मुख्यमंत्री धामी ने कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती का किया शुभारंभ

Oct 12, 2026 - 07:44
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मुख्यमंत्री धामी ने कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री धामी ने कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती का किया शुभारंभ

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नरेंद्रनगर में आयोजित 50वें सिद्धपीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर श्रृंगार किया। इस मेले ने स्थानीय संस्कृति और आस्था को समर्पित एक नया आयाम प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नरेंद्रनगर में 50वें सिद्धपीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का आगाज किया। उन्होंने सांस्कृतिक झांकियों का अवलोकन तथा विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन करके विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं और स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना भी की।

नवरात्रि पर मेले का आयोजन

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि और मेले की स्वर्ण जयंती पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि पर मेले का शुभारंभ सुखद संयोग है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्याओं को मां भगवती का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि 50वां श्री कुंजापुरी मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी की संस्कृति से जुड़ने के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है।

सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का संवर्धन हो रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में विकास कार्य इसके स्पष्ट उदाहरण हैं। राज्य सरकार केदारखंड और मानसखंड के प्रमुख मंदिरों में सुविधाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है।

स्थानीय रोजगार और पलायन रोकने की पहल

उन्होंने कहा कि पलायन रोकना और युवाओं को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश में बाजार मिल रहे हैं। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की बिक्री 6 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, फार्म मशीनरी बैंक एवं होमस्टे जैसी पहलों से स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए विभिन्न कानूनों का उल्लेख किया, जिनमें समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई है और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं से 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं।

टिहरी के विकास कार्य

मुख्यमंत्री धामी ने टिहरी के विकास कार्यों का अवलोकन करते हुए कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय और गजा अस्पताल के उच्चीकरण के साथ-साथ लगभग 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना का भी उल्लेख किया। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्यता

मेले में छोलिया नृत्य, गाडू घड़ा (तेल कलश) की परंपरा, महिषासुर मर्दिनी और अन्य सांस्कृतिक प्रदर्शनों का कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों और सांस्कृतिक दलों ने आकर्षक झांकियां प्रस्तुत कीं।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मेले की स्वर्ण जयंती की बधाई देते हुए इस आयोजन को लोक संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ खेल, पर्यटन और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने वाला बताया। उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले इस राज्यस्तरीय मेले में खेलकूद एवं विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आलम यह है कि इस मेले में पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट, नरेंद्र सिंह नेगी, मीना राणा, संगीता ढौंडियाल और अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियों से समापन होगा।

इस प्रकार, मुख्यमंत्री धामी का प्रयास सांस्कृतिक पहचान, स्थानीय रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

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सादर, टीम अमृता बाजार पत्रिका | सुनिता वर्मा

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