मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अग्निवीर कैडेट्स से संवाद, भविष्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण में अग्निवीर कैडेट्स से संवाद, भविष्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण में अग्निवीर कैडेट्स के साथ संवाद किया, जिसमें उन्होंने उनके भविष्य को लेकर सरकार की योजनाओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण में अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स से संवाद किया। कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से कई महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने स्पष्ट और सहजता से उत्तर दिया।
सैनिक पिता का अनुभव और अनुशासन
संवाद के दौरान कैडेट शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री धामी से पूछा कि क्या आपके पिता एक सैनिक होने के कारण आपको सेना में जाने की प्रेरणा मिली? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, “सेना में जाना एक अत्यंत सम्माननीय कार्य है।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने पिताजी के साथ रहते हुए सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को समझा और अपने जीवन में इसे आत्मसात किया। मुख्यमंत्री ने बल दिया कि सैनिकों की प्रतिबद्धता को देखते हुए, वे भी अपनी भूमिका को एक सैनिक की तरह गंभीरता से निभाते हैं और उत्तराखंड की जनता की सेवा में संलग्न हैं।
परिवार और सरकारी दायित्व
हिमांशु रौतेला ने प्रदेश के मुखिया से सवाल किया कि क्या वे अपने परिवार को समय दे पाते हैं। मुख्यमंत्री ने व्यस्तता की बात करते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक जीवन में होता है, तो उसकी जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के सभी लोगों को अपने परिवार की तरह मानते हैं।
अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा
ओ.पी. कण्डारी ने अग्निवीरों के भविष्य की चिंता जताते हुए पूछा कि उनकी सेवा पूरी करने के बाद सरकार क्या उपाय कर रही है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके साथ ही केन्द्र सरकार भी अनेक क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने खासी स्पष्टता से कहा कि हर अग्निवीर के भविष्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
राजनीतिक निर्णय और जनता के साथ संबंध
रितेश पंवार ने मुख्यमंत्री से उनकी पहचान “धाकड़ धामी” के पीछे का राज पूछा। मुख्यमंत्री ने बताया कि, “एक जनप्रतिनिधि का व्यवहार हमेशा जनता के साथ अच्छे से होना चाहिए, लेकिन राज्य और जनहित के लिए कठोर निर्णय भी लेने पड़ते हैं।” उन्होंने उत्तराखंड में विभिन्न ऐतिहासिक निर्णयों की उपलब्धियों की ओर भी इशारा किया।
मुख्यमंत्री की मुस्कान का राज
अमन सेमवाल ने मुख्यमंत्री से उनके चेहरे पर मुस्कान के राज के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए कहा कि उन्हें कार्य करने की प्रेरणा उनके जनता के आशीर्वाद से मिलती है। उन्होंने प्रदेश के समग्र विकास के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विशेषताओं की चर्चा की।
युवाओं के साथ जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड में लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में है, जो कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा कर रहा है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर हो रही है। लगातार रक्षा क्षेत्र में सुधार के साथ, भारतीय सेना अब वैश्विक स्तर पर एक मजबूत पहलू के रूप में पहचान बना रही है।
सरकार के निर्णय और स्मृति स्थलों का निर्माण
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में उठाए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने देहरादून में सैन्यधाम के निर्माण की संभावनाओं का भी जिक्र किया, जहां वीर बलिदानियों की गौरवगाथाएं संजोई जाएंगी।
इस अवसर पर यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.), पूर्व सैनिकगण तथा अग्निवीर भी उपस्थित थे।
समाज के लिए ऐसे संवाद उत्तराखंड की युवा पीढ़ी को न केवल प्रेरित करते हैं बल्कि उन्हें अपने भविष्य के प्रति आश्वस्त भी करते हैं।
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— टीम अमृता बाजार पत्रिका, सुनीता वर्मा
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