यूआईआईडीबी को केवल 45 एकड़ भूमि मिली, एसडीआर सुंदरम का स्पष्टीकरण
यूआईआईडीबी को केवल 45 एकड़ भूमि मिली, एसडीआर सुंदरम का स्पष्टीकरण
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कम शब्दों में कहें तो, यूआईआईडीबी को मात्र 45 एकड़ भूमि मिली है। प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि 7,000 बीघा भूमि आवंटित किए जाने की बात तथ्यात्मक रूप से गलत है।
देहरादून। उत्तराखंड इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) के कार्यों को लेकर हाल में आए विवादों के बीच, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यूआईआईडीबी को वर्तमान में केवल 45 एकड़ भूमि मिली है और 7,000 बीघा भूमि आवंटित करने की बात पूरी तरह से गलत है।
कांग्रेस और जनसंगठनों की आलोचना के बाद, शनिवार को राज्य सरकार ने यूआईआईडीबी की गतिविधियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट की। यूआईआईडीबी का उद्देश्य राज्य में पूंजी निवेश को बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और सरकारी संसाधनों का व्यवस्थित ढंग से उपयोग करना है। हाल ही में कुछ मीडिया संस्थानों में यूआईआईडीबी को भूमि आवंटन को लेकर कई सवाल उठाए गए थे।
आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि, "यह आवश्यक है कि तथ्यात्मक जानकारी जनता के समक्ष रखी जाए, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति उत्पन्न न हो।" उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रेस में आई रिपोर्टें वास्तविकता से मेल नहीं खाती हैं। यूआईआईडीबी को न तो 7,000 बीघा भूमि मिली है और न ही इतनी भूमि प्राप्त करने का कोई प्रयास किया गया है।
यूआईआईडीबी का उद्देश्य और दीर्घकालिक योजनाएं
सुंदरम ने कहा कि यूआईडीबी का गठन मुख्य रूप से राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास को सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में उत्तराखंड के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) को दोगुना किया जाए। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूंजी निवेश को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक है।
राज्य में आयोजित इन्वेस्टर समिट के दौरान बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव मिले थे। इन्हें धरातल पर उतारने के लिए निवेशकों को उपयुक्त भूमि एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र में संभावनाएं
सुंदरम ने उत्तराखंड को एक प्रमुख पर्यटन एवं वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में उच्च गुणवत्ता वाले होटल, रिसॉर्ट, वेलनेस सेंटर और अन्य सुविधाओं में पूंजी निवेश की आवश्यकता है।
उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप, उत्तराखंड को देश के प्रमुख पर्यटन एवं वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए निवेश
सुंदरम ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी निवेश के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के संस्थानों के विस्तार के लिए निवेश किया जाना चाहिए ताकि राज्य में योग्य शिक्षकों और छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेगा।
निवेश और भूमि बैंक की आवश्यकता
सुंदरम ने बताया कि उत्तराखंड में निवेश के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराना एक चुनौती है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को एक व्यवस्थित लैंड बैंक तैयार करना चाहिए ताकि सेवा क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया का मकसद सरकारी भूमि का अनियोजित हस्तांतरण नहीं, बल्कि उसकी सही पहचान और नियमानुसार उपयोग करना है।
सरकार ने यह भी कहा है कि यूआईआईडीबी के माध्यम से निवेश परियोजनाओं के लिए भूमि का उपयोग केवल लीज मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा। इस दिशा में निर्धारित नियम और मानक सुनिश्चित किए जाएंगे।
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Team Amrita Bazaar Patrika - Anjali Sharma
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