रंगोली के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना का प्रदर्शन, खाड़ी महाविद्यालय में प्रतियोगिताओं का आयोजन
रंगोली के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना का प्रदर्शन, खाड़ी महाविद्यालय में प्रतियोगिताओं का आयोजन
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कम शब्दों में कहें तो, खाड़ी महाविद्यालय में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत 'विकसित भारत @2047' विषय पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। 17 अक्टूबर को पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह होगा।
टिहरी गढ़वाल, 13 अक्टूबर। राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत 'विकसित भारत @2047' विषय पर निबंध, पोस्टर और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इस कड़ी में मंगलवार को 'सेवा के रंग देश के संग: विकसित भारत' विषय पर रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए विकसित भारत की परिकल्पना को रंगों के माध्यम से जीवंत किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण, डिजिटल प्रगति और समृद्ध भारत की कल्पना को रंगोली के माध्यम से आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। रंगों और कलात्मक अभिव्यक्ति से सजाई गई रंगोलियों ने विद्यार्थियों की सृजनात्मकता और देश के विकास के प्रति उनकी सोच को पूरी तरह से दर्शाया।
इस अभियान के तहत इससे पहले 5 अक्टूबर को निबंध प्रतियोगिता और 7 अक्टूबर को पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, रचनात्मकता और विकसित भारत के निर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को विकसित करना है। यही नहीं, यह प्रदर्शनी उन्हें यह सोचने पर मजबूर करती है कि वे भारत को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और सम्मानित करने के लिए 17 अक्टूबर को महाविद्यालय परिसर में पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। प्राचार्य एवं प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों की सहभागिता और उत्साह की सराहना करते हुए अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया है।
विकसित भारत की इस परिकल्पना ने छात्रों के भीतर नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल छात्रों के शैक्षणिक कौशल को निखारती हैं, बल्कि उन्हें अपने देश के प्रति एक जिम्मेदारी का अनुभव भी देती हैं।
इस आयोजन का महत्व केवल शैक्षणिक स्तर पर नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता और संरचनात्मक परिवर्तन का भी आह्वान करता है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में राष्ट्र प्रेम और असली सेवा की भावना को जगाना महत्वपूर्ण है।
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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका, साक्षी शर्मा
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