रक्षाबंधन पर चकरपुर में बहनों ने मुख्यमंत्री धामी को राखी बांधकर सम्मानित किया
चकरपुर में रक्षाबंधन का उत्सव: मुख्यमंत्री धामी को बांधी राखी
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कम शब्दों में कहें तो, रक्षाबंधन पर चकरपुर में बहनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी बांधकर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
देहरादून। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चकरपुर विधानसभा में आयोजित एक विशेष समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर बहनों ने भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक राखी बांधकर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बहनों से संवाद करते हुए कहा कि यह पर्व न केवल परिवार के रिश्तों को मजबूत बनाने का अवसर है, बल्कि यह समाज में जिम्मेदारियों का बोध कराता है।
महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए घोषणाएं
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर राज्य में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को बढ़ाने के लिए प्रमुख घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी। ये टॉयलेट्स मातृशक्ति की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए विशेष ध्यान देंगे।
महिलाओं के लिए परिवहन में नई सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर यह भी घोषणा की कि महिलाएं 60 वर्ष की आयु से रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इससे प्रदेश की बुजुर्ग महिलाओं के लिए आवागमन को सुगम बनाया जाएगा।
महिलाओं के लिए विशेष टॉयलेट्स और पिंक ई-बस का परिचय
चकरपुर में आयोजित समारोह में यह भी बताया गया कि उत्तराखंड को 137 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी, जिनमें से 10 बसें विशेष रूप से महिलाओं के लिए पिंक रंग में होंगी। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन सुनिश्चित करना है।
महिला स्वरोजगार योजना में ऋण सीमा बढ़ाने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि महिला स्वरोजगार योजना के तहत बैंक ऋण की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है।
रक्षाबंधन का पर्व और इसका महत्व
मुख्यमंत्री धामी ने रक्षाबंधन के महत्व को संबोधित करते हुए कहा कि यह पर्व केवल राखी बांधने का नहीं है, बल्कि भाई-बहन के रिश्तों में अटूट प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारियों का प्रतीक है। इस दिन एक-दूसरे के प्रति कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में यह रिश्ता सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करता है।
सरकार द्वारा महिलाओं के आत्मनिर्भर बनाने की पहल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के अंतर्गत मातृशक्ति की सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि नंदा गौरा योजना के तहत बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक का ध्यान रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका में लाना है।"
इस अवसर पर दर्जा मंत्री मोहिनी पोखरिया सहित अन्य प्रमुख नेताओं ने भी समारोह में भाग लिया। सैकड़ों बहनें वहां उपस्थित थीं, जिन्होंने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर उन्हें सम्मानित किया तथा अपनी खुशी का इजहार किया।
मुख्यमंत्री ने अंत में विश्वास दिलाया कि उत्तराखंड की हर बहन सम्मानित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनेगी। उनके लिए यह गर्व की बात होगी कि वे देवभूमि में माताओं और बहनों की सेवा कर रहे हैं।
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समर्पित, टीम अमृता बाजार पत्रिका - साक्षी कौर
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