रक्षाबंधन पर मातृशक्ति का सम्मान और मुख्यमंत्री धामी का सशक्तिकरण का संकल्प
रक्षाबंधन पर मातृशक्ति का सम्मान और मुख्यमंत्री धामी का सशक्तिकरण का संकल्प
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कम शब्दों में कहें तो, रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मातृशक्ति के साथ पर्व मनाते हुए उनके सम्मान और सशक्तिकरण का संकल्प दोहराया।
रविवार को देहरादून में आयोजित दो विशेष कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री धामी ने सर्वप्रथम जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में भाग लिया। इसके बाद, उन्होंने हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इन समारोहों में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार प्रकट किया।
रक्षाबंधन का महत्व और मातृशक्ति का सम्मान
मुख्यमंत्री ने आज के इस पवित्र पर्व का महत्व बताते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह अटूट स्नेह एवं सुरक्षा का पवित्र संकल्प भी है जिसे भाई अपनी बहन के प्रति निभाता है। उन्होंने कहा कि रिश्ते सिर्फ अधिकारों से नहीं, बल्कि कर्तव्यों और जिम्मेदारियों से मजबूत होते हैं। यही भावनाएं रक्षाबंधन के पर्व को और अधिक मजबूत बनाती हैं।
नारी सम्मान और सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने नारी के सम्मान की बात करते हुए कहा कि यह केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और समाज का आधार है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी मातृशक्ति होती है। जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो समाज और राष्ट्र भी समृद्ध होते हैं। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों का परिचय दे रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। जैसे कि उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना ने महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उत्तराखंड का मातृशक्ति सशक्तिकरण
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार भी महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध है। लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। ये समूह केवल आय का साधन नहीं, बल्कि महिलाओं की सामूहिक शक्ति और नेतृत्व का साधन बन गए हैं।
34,000 से अधिक युवाओं को रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 34,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया है। इसके साथ ही, उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शिता और नकल विरोधी कानून के माध्यम से युवा पैसे से विश्वास दिलाया है कि उनकी मेहनत का फल जरूर मिलेगा।
आगामी पहल और उद्घोषणा
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए निःशुल्क रोडवेज यात्रा की घोषण की। 28 और 29 अगस्त को महिलाएं बिना किसी शुल्क के यात्रा कर सकेंगी। इससे वे रक्षाबंधन के अवसर पर अपने परिवारजनों से मिलने में आसानी होगी।
इस वक्तव्य के साथ, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है जहां बेटियां सुरक्षित हों और माताएं सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें। उन्होंने मातृशक्ति से सहयोग और विश्वास की आस की।
कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों और सामान्य नागरिकों की उपस्थिति देखने को मिली, जिसमें मातृशक्ति ने रक्षाबंधन का पर्व मनाया।
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— Team Amrita Bazaar Patrika (अनामिका)
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