राजकीय पॉलीटेक्निक प्रतापनगर (ओखलाखाल) में आयोजित हुआ आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम
राजकीय पॉलीटेक्निक प्रतापनगर (ओखलाखाल) में आयोजित हुआ आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम
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टिहरी गढ़वाल, 11 मार्च 2026। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), टिहरी गढ़वाल ने जनपद के विभिन्न संस्थानों में आपदा प्रबंधन जागरूकता और लाइफ सेफ्टी से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन शुरू कर दिया है। इस कड़ी में, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल के निर्देशों के अनुरूप, बुधवार को राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान प्रतापनगर (ओखलाखाल) में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और महत्व
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में उचित तैयारी और प्रतिक्रिया की जानकारी प्रदान करना था। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के तत्वाधान में मास्टर ट्रेनर अनिल सकलानी ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों, व्याख्याताओं, अनुदेशकों एवं अन्य कार्मिकों का सक्रिय सहभागिता देखने को मिला।
प्रशिक्षण के दौरान क्या सिखाया गया?
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को संभावित प्राकृतिक आपदाओं का पूर्वानुमान, आपदा के समय की सावधानियाँ, और आपदा के बाद की कार्यवाहियों की विस्तृत जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर अनिल सकलानी द्वारा प्रशिक्षित विषयों में शामिल रहे:
- आपदा से पूर्व तैयारी और सुरक्षा उपाय
- आपातकालीन स्थिति में गतिविधियाँ
- बेसिक उपकरणों का उपयोग और स्ट्रेचर बनाना
- प्राथमिक उपचार और सीपीआर (CPR) तकनीक
- आग से बचाव के तरीके
- जंगली जानवरों से सावधानी बरतने के उपाय
- बाढ़ से बचाव के उपाय
अतिरिक्त जानकारी और साधन
प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रतिभागियों को राज्य एवं जनपद आपातकालीन सेवाओं के टोल फ्री नंबरों के साथ-साथ संस्थान परिसर में सुरक्षित स्थानों और निकासी मार्गों की जानकारी भी प्रदान की गई। इसके अलावा, भू-देव एप के उपयोग की विधि का विस्तार से समझाया गया। यह एप आपातकाल के समय में उपयोगी जानकारी प्रदान करने के लिए बनाया गया है।
शिक्षा का महत्व
इस अवसर पर, संस्थान के प्रधानाचार्य श्री हुकम चंद ने करते हुए कहा, "आपदा के समय में सही जानकारी और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से बड़े नुकसान को रोका जा सकता है। इसलिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।" कार्यक्रम में कुल 175 प्रतिभागी, व्याख्याताओं, अनुदेशकों और अन्य कार्मिकों ने भाग लिया, जो इस गतिविधि की सफलता का प्रतीक है।
कम शब्दों में कहें तो, आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता और सुरक्षा उपायों के महत्व को समझने के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आवश्यक था। इसके माध्यम से, छात्रों और कर्मचारियों को आपके जीवन को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान किया गया।
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सादर, टीम अम Rita बाज़ार पत्रिका
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