राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन
राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन
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टिहरी गढ़वाल, 6 अक्टूबर। मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई टिहरी के तत्वावधान में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्र-छात्राओं एवं एनएसएस स्वयंसेवकों को आपदा के दौरान राहत एवं बचाव के उपायों से अवगत कराना था।
मास्टर ट्रेनर का मार्गदर्शन
कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर अनिल सकलानी ने व्यावहारिक जानकारी प्रदान की, जिससे छात्रों ने आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने की कला सीखी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में भूकंप, भूस्खलन, अतिवृष्टि, और आगजनी जैसी आपदाओं का खतरा सदा बना रहता है। ऐसे में प्रशिक्षित युवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने ‘गोल्डन ऑवर’ को विशेष महत्व दिया, जिसके दौरान सही प्राथमिक उपचार दिया जाना घायल की जान बचाने के लिए अत्यधिक जरूरी होता है।
जीवनरक्षक उपायों का मॉक ड्रिल
अवसर के दौरान, सकलानी ने सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ जीवनरक्षक तकनीकों का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया। सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिसस्सीटेशन) देने की प्रक्रिया का अभ्यास करاتے हुए उन्होंने छात्रों को यह भी बताया कि किस प्रकार सामान्य सामग्रियों का उपयोग कर अस्थायी स्ट्रेचर बनाया जा सकता है। कंबल, चादर, रस्सी, और बांस का इस्तेमाल कर सुरक्षित स्ट्रेचर बनाने की विधियों को साझा किया गया।
आपदा संबंधी सावधानियां और अग्निशामक उपकरणों का प्रशिक्षण
इस कार्यशाला में अग्निशामक उपकरणों के उपयोग के सही तरीके के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों को आगजनी और भूकंप की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के साथ-साथ त्वरित निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था विद्यार्थियों को आपदा के समय घबराने के बजाय सतर्क रहने और सुरक्षित बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
समापन और शपथ ग्रहण
कार्यशाला के समापन पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. अजीत सिंह ने मास्टर ट्रेनर अनिल सकलानी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास भरते हैं और उन्हें आपदा की स्थिति में दूसरों की मदद करने के लिए अधिक तत्पर बनाते हैं। अंत में सभी प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन की शपथ दिलाई गई।
इस प्रशिक्षण कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे। इस पहल ने आपदा प्रबंधन के प्रति छात्रों की जागरूकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कम शब्दों में कहें तो, इस कार्यशाला ने विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन परिस्थितियों में मदद करने हेतु तैयार किया। अधिक अपडेट के लिए हमारे साइट पर जाएं।
संबंधित पहल और गतिविधियों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
सादर,
टीम अम Rita Bazaar Patrika
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