विज्ञान संस्थानों को 'होल ऑफ स्टेट' दृष्टिकोण से जोड़ने की आवश्यकता - अजय सूद

Sep 27, 2026 - 21:44
 136  205k
विज्ञान संस्थानों को 'होल ऑफ स्टेट' दृष्टिकोण से जोड़ने की आवश्यकता - अजय सूद

विज्ञान संस्थानों को 'होल ऑफ स्टेट' दृष्टिकोण से जोड़ने की आवश्यकता - अजय सूद

कम शब्दों में कहें तो, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय सूद ने विज्ञान संस्थानों को जोड़ने के लिए 'होल ऑफ स्टेट' दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया है।

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

देहरादून, भारत: हाल ही में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने प्रमुख वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के हस्तियों के साथ मिलकर 'होल ऑफ स्टेट' दृष्टिकोण पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और अनुसंधान संस्थान हैं, और इन संस्थानों की विशेषज्ञता को एक मंच पर लाना आवश्यक है।

वैज्ञानिक दृष्टि से समृद्ध उत्तराखंड

प्रो. सूद ने कहा कि उत्तराखंड एक वैज्ञानिक दृष्टि से समृद्ध राज्य है। यहां के अनेक संस्थानों की उपलब्धियों को साधारण नागरिकों तक पहुंचाने के लिए 'होल ऑफ स्टेट' दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस दृष्टिकोण के माध्यम से वैज्ञानिक तकनीक का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाया जा सकता है।

समाज और विज्ञान के बीच जुड़ाव

कार्यक्रम के दौरान, अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन ने बताया कि उनकी संस्था के माध्यम से देश के विभिन्न वैज्ञानिक और अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी साझा की जा रही है। इससे समाज को विज्ञान और तकनीक की दिशा में जागरूक किया जा रहा है।

स्थानीय नवाचारों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना

आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर विकसित तकनीक और नवाचारों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने से न केवल स्थानीय उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि इससे युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलेगी।

विज्ञान संचार में यूकॉस्ट की पहल

यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने विज्ञान संचार की पहल के महत्व की चर्चा की। उन्होंने कहा कि विज्ञान वाणी 88.8 मेगाहर्ट्ज जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को वैज्ञानिक उपलब्धियों के बारे में जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत नेताओं ने विज्ञान केंद्र और हिमालयन गैलरी का भ्रमण किया और यूकॉस्ट के प्रयासों की सराहना की।

भविष्य की तैयारी

इस अवसर पर प्रो. सूद ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसन्धान और विकास के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम युवा पीढ़ी को सही दिशा में मार्गदर्शन दें। साथ ही, उन्होंने बताया कि 'सरल एआई' जैसे नवाचारों के माध्यम से अनुसंधान को और अधिक सरल और सुगम बनाया जा सकता है।

देश के वैज्ञानिकों ने यह एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, ताकि वे न केवल अनुसंधान में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें, बल्कि अपनी उपलब्धियों को समाज के साथ साझा करने के लिए भी तैयार रह सकें।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि 'होल ऑफ स्टेट' दृष्टिकोण अपनाने से विज्ञान और तकनीक के लाभ आम जन तक पहुंचाना संभव है, जो अंततः देश की उन्नति में सहायक होगा।

For more updates, visit Amrita Bazaar Patrika

इस समाचार को लिखा है, सरिता शर्मा
Team Amrita Bazaar Patrika

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0