शिक्षा की गुणवत्ता पर फड़ी ‘डायमंड’ की मुहर: एसआरएचयू की नई उपलब्धि
शिक्षा की गुणवत्ता पर फड़ी ‘डायमंड’ की मुहर: एसआरएचयू की नई उपलब्धि
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कम शब्दों में कहें तो, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) को क्यूएस आई-गेज द्वारा ‘डायमंड’ रेटिंग से सम्मानित किया गया है। यह रेटिंग विश्वविद्यालय की शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता को दर्शाती है।
डोईवाला- स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जॉलीग्रांट ने गुणवत्ता आधारित उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम की है। विश्वविद्यालय को क्यूएस आई-गेज: 2026 द्वारा ‘डायमंड’ रेटिंग से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध, प्रशासनिक दक्षता, अधोसंरचना, रोजगार क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में किए गए कार्यों की पहचान करना है।
गुरुवार को विश्वविद्यालय के आदि कैलाश सभागार में आयोजित समारोह में क्यूएस आई-गेज के मैनेजिंग डायरेक्टर रविन नायर ने एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा को आधिकारिक ‘ग्रेड कार्ड’ सौंपा। इस अवसर पर विभिन्न वरिष्ठ पदाधिकारियों और छात्रों ने भाग लिया।
विभिन्न गुणवत्ता मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
क्यूएस आई गेज द्वारा दी गई इस डायमंड रेटिंग ने विभिन्न गुणवत्ता मानकों पर एसआरएचयू के प्रदर्शन को मान्यता दी है। यह विश्वविद्यालय परिसर में फैकल्टी गुणवत्ता, विविधता, शिक्षण एवं अधिगम, रोजगार क्षमता और प्रशासनिक दक्षता जैसे कृत्रिम मानकों पर उच्च रेटिंग प्राप्त कर चुका है।
एसआरएचयू का दृष्टिकोण: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमारी प्राथमिकता
एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने कहा कि “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का यह प्रमाण है।” उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का फल है।
उन्होंने आगे कहा, “हम भविष्य में भी वैश्विक मानकों के अनुसार शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने हेतु कार्यरत रहेंगे।”
एआई और इंटीग्रेटिव मेडिसिन पर रहेगा फोकस
एसआरएचयू के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने बताया कि विश्वविद्यालय का आगामी विजन पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इंटीग्रेटिव मेडिसिन को शामिल करने पर केंद्रित है।
शिक्षकों और विद्यार्थियों में उत्साह
क्यूएस आई गेज की रेटिंग की घोषणा के बाद विश्वविद्यालय में एक उत्साह का माहौल था। छात्रों और शिक्षकों ने इसे अपने संस्थान की गुणवत्ता और प्रगति की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना। सभी ने इसे गर्व के रूप में लिया और भावी सफलताओं की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
क्यूएस आई-गेज की महत्वता
क्यूएस आई-गेज भारत की एक स्वतंत्र एवं विश्वसनीय शिक्षा गुणवत्ता मूल्यांकन प्रणाली है, जो क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स और भारतीय शिक्षा विशेषज्ञों के सहयोग से विकसित की गई है। यह प्रणाली विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन शैक्षणिक और सामाजिक मानकों पर करती है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को मान्यता मिल सके।
अनेक राष्ट्रीय एवं वैश्विक उपलब्धियाँ
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने हाल ही में टाइम्स हायर एजुकेशन इंपैक्ट रैंकिंग 2026 में वैश्विक स्तर पर 201-300 रैंक बैंड में स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय को नैक से ए+ ग्रेड और एनआईआरएफ में भी मान्यता मिली है।
इस प्रकार, एसआरएचयू की ‘डायमंड’ रेटिंग ने न केवल विश्वविद्यालय की गुणवत्ता यात्रा को एक नया मुकाम दिया है, बल्कि यह देशभर में उच्च शिक्षा के मानक को भी उच्चतम स्तर पर ले जाने में मदद करता है।
इस अवसर पर श्री अतुल महेश्वरी, डॉ. विकास जडौन और डॉ. माला त्रिपाठी जैसे कई शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस प्रकार, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में अपनी पहचान को और मजबूत किया है।
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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
— नंदिनी शर्मा
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