सहकारी चुनाव प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण का आयोजन: हंसा दत्त पांडे के विचार

Feb 27, 2026 - 21:44
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सहकारी चुनाव प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण का आयोजन: हंसा दत्त पांडे के विचार
सहकारी चुनाव प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण का आयोजन: हंसा दत्त पांडे के विचार

सहकारी चुनाव प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा देने का लक्ष्य - हंसा दत्त पांडे

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कम शब्दों में कहें तो, दीप नगर में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने सहकारी चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में 80 अपर जिला सहकारी अधिकारियों (ADO) और उप जिला सहकारी अधिकारियों (ADCO) ने भाग लिया और चुनाव प्रक्रियाओं के महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की।

दीप नगर स्थित यूसीएफ सदन सभागार में सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण द्वारा एक दिवसीय निर्वाचन प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए 80 अपर जिला सहकारी अधिकारी (ADO) एवं उप जिला सहकारी अधिकारी (ADCO) ने निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण के अध्यक्ष हंसा दत्त पांडे उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में अपर निबंधक सहकारिता आनंद शुक्ल, प्रबंध निदेशक प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन एम.पी. त्रिपाठी तथा उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल शामिल रहीं।

Training Program

प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल

मुख्य अतिथि हंसा दत्त पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारी चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार का प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, "ये कार्यक्रम अधिकारियों की कार्यकुशलता एवं निर्णय क्षमता को सुदृढ़ बनाने में सहायक होते हैं।" साथ ही, उन्होंने प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन से ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया।

ज्ञानवर्धन और पर्यवेक्षण की क्षमता

अपर निबंधक सहकारिता आनंद शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से न केवल अधिकारियों की जानकारी में वृद्धि होती है, बल्कि उनकी पर्यवेक्षण (सुपरविजन) क्षमता भी मजबूत होती है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी एवं दिशा-निर्देशों का प्रभाव आगामी सहकारी चुनावों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होगा।

प्रबंध निदेशक एम.पी. त्रिपाठी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व है, जिसमें विधिक प्रावधानों एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों का समुचित पालन आवश्यक है। उनका यह भी कहना था कि प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को अद्यतन जानकारी प्रदान करके उनकी जिम्मेदारियों में दक्षता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।

सहकारी संस्थाओं में प्रशिक्षण का महत्व

गौरतलब है कि सहकारी संस्थाओं में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित बनाने में प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इससे कार्यदक्षता में वृद्धि, प्रक्रियागत त्रुटियों में कमी, बेहतर समन्वय एवं संभावित विवादों की रोकथाम संभव होती है। नियमित प्रशिक्षण से सहकारी चुनावों की विश्वसनीयता और जवाबदेही भी सुदृढ़ होती है।

कार्यक्रम के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

आगामी दौर में, सहकारी निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने एवं बेहतर समन्वय के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन आवश्यक है। इससे न केवल अधिकारियों के कौशल में वृद्धि होगी, बल्कि सहकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता में भी गुणात्मक सुधार होगा।

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सादर,
टीम अमृता बजार पत्रिका

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