सात फरवरी से शुरू होगा कर्मचारी परिषद के आंदोलन का दूसरा चरण, जानें सभी महत्वपूर्ण जानकारी

Feb 7, 2026 - 00:44
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सात फरवरी से शुरू होगा कर्मचारी परिषद के आंदोलन का दूसरा चरण, जानें सभी महत्वपूर्ण जानकारी
सात फरवरी से शुरू होगा कर्मचारी परिषद के आंदोलन का दूसरा चरण, जानें सभी महत्वपूर्ण जानकारी

सात फरवरी से शुरू होगा कर्मचारी परिषद के आंदोलन का दूसरा चरण

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कम शब्दों में कहें तो: कर्मचारी परिषद के आंदोलन का दूसरा चरण 7 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें प्रदेश के 13 जिलों में धरना–प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

नई दिल्ली। उत्तराखंड राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आगामी 7 फरवरी, शनिवार से आंदोलन के दूसरे चरण की घोषणा की है। इस बार का आंदोलन प्रदेश के 13 जिलों में आयोजित किया जाएगा, जहां कर्मचारी सभा करके अपनी 18 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को भेजेंगे।

आंदोलन की रूपरेखा

कर्मचारी परिषद द्वारा आयोजित इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की कई लम्बित मांगों को हल करना है, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं: 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पूरी होने पर एसीपी का लाभ, गोल्डन कार्ड व्यवस्था में सुधार, वाहन भत्ता, तथा आठवें वेतन आयोग की स्थापना।

इस आंदोलन के तहत देहरादून के गांधी रोड स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में प्रमुख धरना आयोजित होगा। वहीं पौड़ी गढ़वाल में कलेक्ट्रेट परिसर में भी धरना दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जनपद के मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ाने के लिए तैयारी की गई है।

250 से अधिक घटक संगठन करेंगे भागीदारी

परिषद के अनुसार, प्रदेशभर से 250 से अधिक घटक संगठन इस आंदोलन में भाग लेने के लिए अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर पहुंचेंगे। आंदोलन के समापन के बाद परिषद के पदाधिकारी सभी जनपदों में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी 18 सूत्रीय मांग पत्र भेजेंगे।

कर्मचारी परिषद का आह्वान

संयुक्त कर्मचारी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे और प्रांतीय महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने कहा है कि कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों के लिए ठोस और सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन को और ज्यादा व्यापक और निर्णायक बनाया जाएगा। उनके अनुसार, कर्मचारियों की संतुष्टि के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।

आगे का रास्ता

कर्मचारी परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो वे भविष्य में और भी सख्त कदम उठा सकते हैं। उनका उद्देश्य है कि हर कर्मचारी को उनके अधिकार और सुविधा मिले, ताकि वे अपने कार्यों को अपनी क्षमता के अनुसार कर सकें।

अंत में, इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य राज्य के कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना है। इससे न केवल उनकी स्थिति में सुधार होगा बल्कि इससे राज्य के प्रशासनिक ढांचे में भी सुधार आने की संभावना है।

इस आंदोलन से जुड़े सभी नवीनतम समाचारों और अपडेट के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ.

संपादकीय टीम, अमृता बाजार पत्रिका

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