सीएम योगी आदित्यनाथ को घंटाकर्ण धाम में आमंत्रित किया गया
सीएम योगी आदित्यनाथ को घंटाकर्ण धाम में आमंत्रित किया गया
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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल के पट्टी क्वीली डांडा स्थित प्रसिद्ध घंटाकर्ण मंदिर की समिति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को धाम आने का न्योता दिया है।
हाल ही में, नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पौड़ी गढ़वाल दौरा हुआ, जहां उन्हें घंटाकर्ण मंदिर के पदाधिकारियों द्वारा सौजन्य भेंट दी गई। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष विजय प्रकाश विजल्वाण के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने योगी आदित्यनाथ को धाम में आने का औपचारिक निमंत्रण दिया और उन्हें भगवान घंटाकर्ण का स्मृति चिन्ह भेंट किया।
योगी आदित्यनाथ का आभार और संकल्प
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जब इस न्योते को स्वीकार किया, तो उन्होंने भगवान घंटाकर्ण को घंटा अर्पित करने का संकल्प लिया। उनका यह कदम धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है, जो कि उत्तराखंड के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर कई अन्य सदस्यों ने भी प्रतिनिधिमंडल में भाग लिया। इनमें मंडी समिति के निवर्तमान अध्यक्ष बीर सिंह रावत, बिहारी लाल गैरोला, अशोक विजल्वाण, सुशांत गैरोला, दीपक विजल्वाण और श्याम लाल गैरोला शामिल थे।
घंटाकर्ण धाम का महत्व
घंटाकर्ण धाम न केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि यह सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन के लिए भी महत्वपूर्ण है। यहां श्रद्धालु भगवान घंटाकर्ण की पूजा अर्चना करते हैं, जो कि अनेक मान्यताओं और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। योगी आदित्यनाथ का इस धाम में आने से स्थानीय श्रद्धालुओं और भक्तों में विशेष उत्साह की लहर दौड़ गई है।
योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड का विकास
सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे का उद्देश्य उत्तराखंड के विकास के प्रति संकल्पित रहना है। उनकी नीतियां और योजनाएं राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। उनकी धार्मिक यात्रा स्थानीय जनता के बीच एकता और समरसता को भी बढ़ावा देगी।
विजय प्रकाश विजल्वाण ने मुलाकात का समय देने और न्योते को स्वीकार करने के लिए मुख्यमंत्री का विशेष धन्यवाद अर्पित किया। उनका मानना है कि इस यात्रा से न केवल घंटाकर्ण धाम की लोकप्रियता बढ़ेगी बल्कि इससे क्षेत्र की धार्मिक पहचान भी मजबूत होगी।
यूँ कहें कि, यह आमंत्रण न केवल एक सामाजिक पहल है, बल्कि एक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी बायस बन सकता है। इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय संस्कृति को एक नया पहचान मिलता है और धार्मिक एकता को बढ़ावा मिलता है।
हमें उम्मीद है कि सीएम योगी आदित्यनाथ का इस धाम में आगमन स्थानीय जनता और भक्तों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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सादर,
टीम अमrita बाजार पत्रिका
प्रिया शर्मा
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