सीमांत क्षेत्रों में जनजातीय भाइयों का योगदान: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना
सीमांत क्षेत्रों में जनजातीय भाइयों का योगदान: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदाय की सराहना की। उनकी बातों ने यह स्पष्ट किया कि ये भाई-बहन हमारी सांस्कृतिक धरोहर और प्रकृति के संरक्षण के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।
चमोली, 21 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के बिरही (बेडूबगड़) में नीति-माणा जनजाति कल्याण समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “जनजाति समागम 2026” के समापन समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर भोटिया समुदाय की महिलाओं ने उन्हें पारंपरिक वेशभूषा में भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज हमारी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संरक्षण की परंपरा का संवाहक है। वह इस बात पर जोर देते हैं कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई-बहन वास्तव में देश के सजग प्रहरी हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान हेतु बजट को तीन गुना बढ़ाया गया है। इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान का आरंभ किया गया है, जिसके तहत प्रदेश के 128 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा, उन्होंने बताया कि प्रदेश में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय, छात्रवृत्ति योजनाएं, निःशुल्क कोचिंग, आईटीआई संस्थान और बेटियों के विवाह के लिए ₹50,000 की सहायता जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है।
विकास की मुख्यधारा में शामिल करना
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि माणा सहित सीमांत गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। चमोली जिले में 800 से अधिक होम-स्टे संचालित किए जा चुके हैं, जिन्होंने 4,000 से अधिक लोगों को स्वरोजगार प्रदान किया है। जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष जनजाति महोत्सव और खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
प्रमुख घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने कुछ प्रमुख घोषणाएं भी की:
- नीति घाटी भोटिया जनजाति के शीतकालीन प्रवास एवं भूमि संबंधी मामलों का निस्तारण।
- बेडू बगड़ में सामुदायिक भवन, स्व. गौरा देवी की प्रतिमा एवं पार्क का निर्माण।
- बैरासकुंड मंदिर का सौंदर्यीकरण।
- बेडू बगड़ पड़ाव की भूमि सुरक्षा हेतु कार्यवाही।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के दृष्टिकोण का समर्थन किया और जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया।
इस आयोजन ने यह दर्शाया कि कैसे सरकार जनजातीय संस्कृति और समुदाय की रक्षा और विकास हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री धामी की ये बातें न केवल उत्साहवर्धक है, बल्कि यह दर्शाती हैं कि कैसे भारत में विकास और संस्कृति का समन्वय हो रहा है।
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सादर,
टीम अम Rita बजार पत्रिका
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