सेलाकुई पुलिस की ‘पनीर’ कार्रवाई: 4 पुलिसकर्मी हुए लाइन हाजिर, जानें पूरा मामला

Feb 12, 2026 - 14:44
 136  501.8k
सेलाकुई पुलिस की ‘पनीर’ कार्रवाई: 4 पुलिसकर्मी हुए लाइन हाजिर, जानें पूरा मामला
सेलाकुई पुलिस की ‘पनीर’ कार्रवाई: 4 पुलिसकर्मी हुए लाइन हाजिर, जानें पूरा मामला

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

देहरादून (सेलाकुई): उत्तराखंड के सेलाकुई क्षेत्र में खाद्य पदार्थों के खिलाफ पुलिस की एक संदिग्ध कार्रवाई अब खुद पुलिस विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गई है। इस संबंध में उठ रहे गंभीर आरोपों और नियमों की अनदेखी के कारण प्रमुख आईजी रेंज, सदानंद दाते के हस्तक्षेप पर यह मामला प्रगति पर आया है। मामले में लापरवाही के आरोप में वरिष्ठ उप निरीक्षक (SSI) जितेंद्र कुमार और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को तुरंत लाइन हाजिर किया गया है।

कम शब्दों में कहें तो

पुलिस ने 250 किलोग्राम पनीर और 50 किलोग्राम दही बरामद किया, जिसे विवादित तरीके से नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई पर उठ रहे सवालों से पुलिस की छवि पर बुरा प्रभाव पड़ा है।

क्या है पूरा मामला?

बीते 2 फरवरी 2026 को, सेलाकुई पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने एफडीए (FDA) टीम के सहयोग से 250 किलो पनीर और 50 किलो दही की बरामदगी की है। पुलिस के अनुसार, यह खाद्य सामग्री खराब थी और इसे मौके पर नष्ट कर दिया गया। लेकिन दुकानदार ने इस कार्रवाई को फर्जी करार देते हुए पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और आईजी के पास सीसीटीवी (CCTV) साक्ष्यों के साथ शिकायत की।

पुलिस की कार्रवाई पर उठे ये 5 गंभीर सवाल

पीड़ित पक्ष की शिकायत और बाद में की गई जांच में कुछ ऐसे बिंदु सामने आए हैं जिन्होंने पुलिस के दावों को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है:

  1. फर्जी चालान का आरोप: पीड़ित का कहना है कि जब वह और उसकी गाड़ी थाने में मौजूद थे, तब पुलिस ने धूलकोट तिराहे पर ‘ओवर स्पीडिंग’ और ‘सीट बेल्ट’ जैसे आरोपों में ₹28,500 का भारी चालान काट दिया। सवाल यह उठता है कि खड़ी गाड़ी का ओवर स्पीडिंग चालान कैसे हुआ?
  2. BNSS की धारा 105 का उल्लंघन: नई कानूनी संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के अनुसार, जब्ती और तलाशी के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य होती है। आरोप है कि पुलिस द्वारा इस नियम का पालन नहीं किया गया था।
  3. रिकवरी की लोकेशन पर विवाद: पुलिस का दावा था कि पनीर गाड़ी से बरामद हुआ, जबकि सीसीटीवी फुटेज में दिखता है कि दुकान के बाहर रखा पनीर गाड़ी में रखा जा रहा था।
  4. सैंपलिंग में देरी: डेयरी उत्पादों को 5 घंटे तक धूप में खड़ी गाड़ी में रखा गया। पीड़ित का आरोप है कि जानबूझकर सैंपल को खराब किया गया।
  5. नेतृत्व पर सवाल: पीड़ित का कहना है कि इस टीम का नेतृत्व थाना अध्यक्ष पी.डी. भट्ट कर रहे थे, लेकिन कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मियों पर की गई है। अब पीड़ित परिवार न्याय के लिए डीजीपी के पास जाने की तैयारी में है।

अधिकारियों का पक्ष

जहाँ एक ओर एसएसपी देहरादून अजय सिंह का कहना है कि सैंपल लैब भेजे गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार है, वहीं सीसीटीवी फुटेज के विरोधाभास ने विभाग की छवि को धूमिल किया है। आईजी सदानंद दाते की जांच रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि छापेमारी के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया था। यह प्रक्रिया अब न केवल एक कानूनी मामला बन चुकी है, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाने लगी है।

पुलिस विभाग को अब इसकी गहन जांच करने का आदेश दिया गया है ताकि आने वाले समय में इस तरह की लापरवाहियों को रोका जा सके और समुदाय में विश्वास बनाए रखा जा सके। इससे न केवल जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की मिलीभगत का पता लगाया जा सकेगा, बल्कि पुलिस की छवि को पुनः स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

अधिक अपडेट के लिए विजिट करें: Amrita Bazaar Patrika.

Team Amrita Bazaar Patrika

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0