हरेला पर ‘हरित दून’ अभियान: पर्यावरण संरक्षण की नई पहल

Jul 16, 2026 - 14:44
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हरेला पर ‘हरित दून’ अभियान: पर्यावरण संरक्षण की नई पहल
हरेला पर ‘हरित दून’ अभियान: पर्यावरण संरक्षण की नई पहल

हरेला पर ‘हरित दून’ अभियान: पर्यावरण संरक्षण की नई पहल

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में लोकपर्व हरेला के अवसर पर ‘हरित दून’ अभियान की शुरुआत हुई है जिसमें एक लाख पौधों की रोपाई का संकल्प लिया गया है।

देहरादून। हरेला पर्व की धूमधाम के बीच मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस अभियान की शुरुआत देहरादून के कैनाल रोड स्थित चिड़ोवाली क्षेत्र में की गई। यहाँ पर लक्ष्य है कि अगले एक वर्ष में एक लाख पौधे लगाए जाएंगे। इस अनूठी पहल का उद्घाटन एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने पौधरोपण करके किया। इस दौरान स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों और अधिकारियों ने मिलकर इस प्रयास में भाग लिया और पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।

पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक: हरेला पर्व

यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति और प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता का प्रतीक है। हरेला पर्व हमें प्रकृति से जोड़ता है और इसी भावना को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए का यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। चिड़ोवाली क्षेत्र में हुए पौधरोपण कार्यक्रम में छायादार, फलदार और औषधीय पौधे लगाए गए। यह पहल केवल पौधरोपण तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पौधों के संरक्षण और नियमित निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

शहरीकरण और प्रदूषण के खिलाफ एक कदम

तेजी से बढ़ते Urbanization और घटते हरित क्षेत्र के बीच ‘हरित दून अभियान’ देहरादून के पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। एमडीडीए का लक्ष्य शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, पार्कों, संस्थानों और अन्य खाली भूमि पर पौधरोपण करना है। स्थानीय समुदाय और स्वयंसेवी संगठनों को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा ताकि पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी सामूहिक रूप से निभाई जा सके।

जनभागीदारी की महत्ता

इस अभियान में भाग लेने वालों का मानना है कि हर पौधा भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हरेला के दिन शुरू हुआ यह अभियान दून की धरती को हरियाली की नई पहचान देने की दिशा में एक नई उम्मीद का पौधा बनकर उभरा है। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का कर्तव्य भी है। युवाओं, महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में भागीदारी ने इस कार्यक्रम को उत्सव का रूप दे दिया है।

पर्यावरण संरक्षण की सुरक्षा के लिए ठोस कदम

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, "हरेला उत्तराखंड के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन का पर्व है। हमारा लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना भी है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल हो और उनका जीवित रहना हमारी प्राथमिकता बने। बिना जनभागीदारी के यह संभव नहीं है।" उन्होंने विश्वास जताया कि दूनवासी इस अभियान को जनआंदोलन बनाएंगे, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और स्वच्छ देहरादून का निर्माण करेंगे।

अभियान के तहत पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाएगी, ताकि हर पौधा भविष्य में एक मजबूत वृक्ष बन सके।

Team Amrita Bazaar Patrika

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