हरेला पर्व: प्रकृति के प्रति हमारी श्रद्धा को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण उत्सव

Jul 16, 2026 - 21:44
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हरेला पर्व: प्रकृति के प्रति हमारी श्रद्धा को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण उत्सव
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हरेला पर्व: प्रकृति के प्रति हमारी श्रद्धा को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण उत्सव

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के लोकपर्व “हरेला” ने एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक पहचान और प्राकृतिक विविधता को दर्शाते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।

टिहरी गढ़वाल, 16 जुलाई 2026 - उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने आज पीटीसी नरेंद्र नगर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण कर हरेला पर्व के उपलक्ष्य में भव्य वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर, पिरूल एकत्रीकरण हेतु विभिन्न सहायता समूहों को 22 लाख रुपये के चेक भी वितरित किए गए।

हरेला पर्व का महत्व

इस विशेष अवसर पर, वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य अंग है, जो हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड को “हरित प्रदेश” बनाने में वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है और राज्य सरकार वन संरक्षण के प्रति निरंतर प्रयासरत है।

रुद्राक्ष का महत्व

वन मंत्री ने रुद्राक्ष के पेड़ के महत्व को भी रेखांकित किया, जिसे धार्मिक, आध्यात्मिक और औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके संबंध में उन्होंने बताया कि रुद्राक्ष भगवान शिव से जुड़ा हुआ है और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान में इसका अभिन्न स्थान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वृक्षारोपण का कार्य केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सभी को अपने लगाए गए पौधों की सुरक्षा का दायित्व भी निभाना चाहिए।

वृक्षारोपण अभियान की आवश्यकता

सुबोध उनियाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा हरेला पर्व के अवसर पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जन-जन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि वृक्ष न केवल जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण हैं, बल्कि जल प्रबंधन, मृदा संरक्षण और स्वच्छ वायु की उपलब्धता में भी योगदान देते हैं।

समाज में संवेदनशीलता लाने का प्रयास

कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व हमारी लोक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण संकेत है जो हमें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने का संदेश देता है। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी ली।

उपस्थित जन और उनके प्रयास

इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में दीक्षा राणा, ब्लॉक प्रमुख, राजेंद्र विक्रम पाँवर, अध्यक्ष नगर पालिका नरेंद्रनगर, सीडीओ वरुणा अग्रवाल, एसडीएम आशीष घिल्डियाल और अन्य कई महत्वपूर्ण जन प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। कार्यक्रम का समापन करते हुए सभी उपस्थित जनों ने “एक पेड़ मां के नाम” और “हरेला-हरित उत्तराखंड” के संकल्प के साथ अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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सादर,
टीम अम Rita Bazaar Patrika - अंजलि शर्मा

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