हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का लाइसेंस निलंबित, तीन इंजीनियर भी निलंबित
हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का लाइसेंस निलंबित, तीन इंजीनियर भी निलंबित
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कम शब्दों में कहें तो, हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है, जिसमें तीन इंजीनियर भी शामिल हैं। यह कार्रवाई पिछले दिनों टोंस नदी पर पुल के क्षतिग्रस्त होने के मामले की जांच के बाद की गई है।
हाल ही में देहरादून में स्थिति का गहराई से अध्ययन करने के बाद, लोक निर्माण विभाग ने हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी को टेंडर प्रक्रिया से ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। यह निर्णय प्रमुख अभियंता और विभागाध्यक्ष, राजेश चंद्र द्वारा शनिवार, 8 अगस्त को जारी किए गए आदेश में स्पष्ट किया गया है।
पुल के क्षतिग्रस्त होने का मामला
देहरादून-हरबर्टपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-72 (ओल्ड) पर किलोमीटर 143 पर टोंस नदी के ऊपर स्थित पुल के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य में लापरवाही सामने आई है। लोक निर्माण विभाग ने जांच के आधार पर यह कार्रवाई की है। 28 जुलाई को भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के बाद पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।
जांच रिपोर्ट में तकनीकी खामियां
प्राथमिक जांच में यह पाया गया कि कार्यस्थल पर स्कॉर डेप्थ का आकलन नहीं किया गया था, जिससे पुल की एप्रोच रोड को भारी नुकसान पहुंचा। जांच अधिकारी ने ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार (GPR) और इलेक्ट्रिकल रेजिस्टिविटी टेस्ट (ERT) कराने की सिफारिश की है। विभाग का कहना है कि स्कॉर डेप्थ का वैज्ञानिक आकलन होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और निर्णय लिए जाएंगे।
भारी वर्षा का दुष्परिणाम
28 जुलाई की भारी बारिश ने पुल की संरचना की कमजोरियों को उजागर किया। पुनर्निर्माण कार्य के ठेकेदार ने न केवल स्कॉर डेप्थ का आकलन नहीं किया, बल्कि इस बारे में आवश्यक सावधानियां भी बरती नहीं थीं। इस लापरवाही से पुल की एप्रोच रोड में गहरा नुकसान हुआ है।
तालाबंदी का सिलसिला जारी
रुचि भट्ट, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष, ने कहा कि कार्रवाई के बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह सभी के हित में होगा। यह आवश्यक है कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में सभी मानकों का पालन किया जाए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
उपसंहार
इस केस में हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का लाइसेंस निलंबित करने के निर्णय ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी विभाग लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। अब आगे की कार्रवाई के लिए जीपीआर और ईआरटी जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
वर्तमान समय में, यह आवश्यक है कि सभी निर्माण कंपनियों को इस मामले से सबक लेकर अपनी प्रक्रियाओं का आकलन करना चाहिए। इसके अलावा, विभाग को भी इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस उपाय विकसित करने की जरूरत है।
फिलहाल, लोक निर्माण विभाग ने अगले आदेश तक हिमालयन कंस्ट्रक्शन को राज्य में किसी भी निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से भी प्रतिबंधित किया है।
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Team Amrita Bazaar Patrika - साक्षी शर्मा
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