‘परीक्षा प्रणाली की विफलता: एक और छात्रा की दुखद मौत’
‘परीक्षा प्रणाली की विफलता: एक और छात्रा की दुखद मौत’
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कम शब्दों में कहें तो, नीट परीक्षा प्रणाली की असफलताओं ने एक और युवा जीवन का अंत कर दिया। चंद्रबनी निवासी छात्रा रिया थापा की आत्महत्या ने इस विषय पर गहरा सवाल उठाया है, जो शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है।
देहरादून। हाल ही में नीट परीक्षा में पेपर लीक मामले के कारण स्वयं को मानसिक तनाव में डालते हुए रिया थापा ने आत्महत्या कर ली। उनके घर पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना पहुंचे और परिवारजनों को सांत्वना दी। रिया के पिता एवं पूर्व सैनिक राजेश मल्ल, उनकी माता, और छोटे भाई-बहन से धस्माना ने मिलकर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।
रिया का संघर्ष:
परिजनों के अनुसार, रिया ने पहले भी नीट परीक्षा दी थी, जिसमें उसने लगभग 400 अंक प्राप्त किए थे, लेकिन एमबीबीएस में प्रवेश नहीं मिल पाया। उसने पुनः मेहनत करने का निर्णय लिया और इस वर्ष फिर परीक्षा में शामिल हुई। परीक्षा के बाद, वह बहुत उत्साहित थी और उसे विश्वास था कि इस बार उसका प्रदर्शन बेहतर हुआ है। लेकिन पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबरों ने उसे गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
सूर्यकांत धस्माना ने रिया की tragical death को अत्यंत दुखद बताया और कहा कि इसके लिए दोषपूर्ण परीक्षा व्यवस्था जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य और मनोबल को प्रभावित किया है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जानी चाहिए और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए एक पारदर्शी एवं विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली विकसित की जानी चाहिए।" उनका कहना था कि परीक्षा प्रबंधन में सामने आ रही खामियों के लिए जिम्मेदारी तय करनी होगी ताकि भविष्य में किसी छात्र या छात्रा को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
राहुल गांधी का संवेदनशीलता:
इस घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त किया और कहा कि ऐसे मामलों को हल करने और छात्रों के लिए बेहतर परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
हमारा संदेश:
यह सच है कि शिक्षा प्रणाली में सुधार आवश्यक है। हमें ऐसी स्थितियों से बचने के लिए एक ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
इस तरह की घटनाएँ केवल एक छात्र की हत्या नहीं हैं, बल्कि यह हमारे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। शिक्षा व्यवस्था में अधिक सुधार और पारदर्शिता की आवश्यकता है।
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टीम अमृता बाजार पत्रिका
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