युवा अधिकारियों की क्षमता पर भरोसा – भूपेंद्र यादव का प्रेरणादायक संदेश
युवा अधिकारियों की क्षमता पर भरोसा – भूपेंद्र यादव का प्रेरणादायक संदेश
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कम शब्दों में कहें तो, भूपेंद्र यादव ने कहा है कि युवा अधिकारी विकसित भारत का मार्गदर्शन करेंगे। यह उम्मीदें इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में जगी हैं, जहां 111 अधिकारियों की दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया।
देहरादून: इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNF) में 2024 बैच के भारतीय वन सेवा (IFS) परिवीक्षार्थियों का दीक्षांत समारोह हाल ही में आयोजित किया गया। इस समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने 109 भारतीय अधिकारियों एवं भूटान के 2 अधिकारियों को प्रमाणपत्र और पदक प्रदान किए।
युवाओं की ऊर्जा और परिश्रम की सराहना
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने युवा अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें एक प्रमुख अकादमी से तकनीकी और नेतृत्व संबंधी उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि जब ये अधिकारी अपने पेशेवर जीवन के नेतृत्व में होंगे, तब भारत स्वतंत्रता का 100वां वर्ष मना रहा होगा और इनका महत्वपूर्ण योगदान विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में होगा।
भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की तैयारी
श्री यादव ने संबोधन में बताया कि आने वाले वर्षों में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी और मरुस्थलीकरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को नवाचार, आधुनिक प्रौद्योगिकी और जनभागीदारी को महत्व देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे आधुनिक तकनीकें केवल आंकड़ों के संग्रह तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इन्हें मानवीय संवेदनाओं के साथ जोड़कर व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
प्रशासन की नैतिकता और कार्यकुशलता
यादव ने कहा कि एक सफल लोकसेवक के लिए नैतिकता और कार्यकुशलता आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनकी पहचान उन उच्च नैतिक मूल्यों, समय का सदुपयोग और सीमित संसाधनों में अधिकतम परिणाम देने की क्षमता से बनती है। यह महत्वपूर्ण है कि अधिकारियों को केवल सक्षम प्रशासक बनकर नहीं रहना है, बल्कि उन्हें प्रभावी नेतृत्व भी विकसित करना होगा, जिसमें त्याग, करुणा और दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता हो।
अधिकारियों के आत्ममूल्यांकन का महत्व
श्री यादव ने अपने समापन वक्तव्य में कहा कि एक अच्छा अधिकारी वही होता है जो पहले एक अच्छा इंसान बनता है। अधिकारियों को आत्ममूल्यांकन और आत्मबोध को जीवन का अभिन्न अंग बनाने की प्रेरणा दी गई। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद, हर अधिकारी की यात्रा अलग होगी और उन्हें समाज और राष्ट्र की सेवा में उत्कृष्ट योगदान देना होगा।
अकादमी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इस अवसर पर, IGNF के निदेशक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद खजूरिया ने अकादमी के इतिहास को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह संस्थान 1938 से भारत की सेवा कर रहा है और आज तक 369 वन अधिकारियों ने इस संस्थान से प्रशिक्षिण प्राप्त किया है। हाल के प्रशिक्षण कार्यक्रम में 111 अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें से 75 ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा अर्जित किया।
प्रशिक्षण का व्यापक दृष्टिकोण
इस 20 माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में वानिकी, वन्यजीव प्रबंधन, पर्यावरणीय सुशासन और नेतृत्व विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने अनेक क्षेत्रीय अभ्यास, अध्ययन भ्रमण और साहसिक गतिविधियों में भाग लिया। इस तरह का प्रशिक्षण, अधिकारियों के कौशल को न केवल बढ़ाने में सहायक है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।
अंत में, सभी उपस्थित एवं पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई
समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले परिवीक्षार्थियों को विभिन्न पुरस्कार भी प्रदान किए गए। राजस्थान के प्रतीक्षा नानासाहेब काले बैच की टॉपर रहीं। इस अवसर पर अनेक वरिष्ठ अधिकारियों और विद्वानों ने भी भाग लिया।
इस दीक्षांत समारोह में उपस्थित सभी अधिकारियों तथा उनके परिवारों को शुभकामनाएँ देते हुए, भूपेंद्र यादव ने एक बार फिर से विश्वास जताया कि युवा अधिकारी भारतीय प्रशासन की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्षम होंगे।
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संपादक: कविता शर्मा, Team Amrita Bazaar Patrika
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