राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सक संघ का धरना जारी, आयुष विभाग की चुप्पी पर भड़के डॉक्टर
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सक संघ का धरना जारी, आयुष विभाग की चुप्पी पर भड़के डॉक्टर
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कम शब्दों में कहें तो, आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवा संघ के डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर दूसरे दिन भी धरना दिया, जिसमें 500 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया। आयुष विभाग की उदासीनता के खिलाफ चिकित्साधिकारी एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं।
देहरादून/टिहरी, 16 जून। राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, उत्तराखण्ड ने अपनी सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन पूर्ण कार्य बहिष्कार एवं धरना-प्रदर्शन जारी रखा है। यह धरना आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा निदेशालय, देहरादून में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से 500 से अधिक आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारियों ने भाग लिया और अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
धरना स्थल पर चिकित्साधिकारी ने आयुष विभाग और सरकार की उदासीनता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। आंदोलन के दूसरे दिन भी शासन और विभाग की ओर से कोई ठोस पहल या वार्ता नहीं होने पर चिकित्सकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित संवर्गीय समस्याओं और न्यायोचित मांगों का निरंतर अनदेखा किया जा रहा है, जिससे पूरे चिकित्साधिकारी संवर्ग में असंतोष व्याप्त हो गया है।
इस आंदोलनों को अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। उत्तराखण्ड फार्मासिस्ट एसोसिएशन, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सहायकों तथा पंचकर्म सहायक संगठन ने चिकित्साधिकारियों की मांगों को उचित ठहराते हुए समर्थन किया है। विभिन्न संगठनों में मिल रहे समर्थन से आंदोलन को और अधिक मजबूती मिली है।
धरना सभा को संबोधित करते हुए संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली और प्रांतीय महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने कहा कि चिकित्साधिकारी लंबे समय से अपनी मांगों को शासन और विभाग के समक्ष उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी सात सूत्रीय मांगों पर लिखित रूप से सकारात्मक आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक उनका धरना और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
संघ के पदाधिकारियों ने सभी चिकित्साधिकारियों से आंदोलन को और मजबूत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि जल्दी समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका यह संघर्ष केवल चिकित्साधिकारियों के हितों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि आयुष विभाग की व्यवस्था को मजबूत करने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए भी है।
धरना स्थल पर मौजूद चिकित्साधिकारियों ने एकजुट होकर मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। संघ ने शासन और आयुष विभाग से तुरंत वार्ता शुरू कर समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
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Team Amrita Bazaar Patrika
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