आईसीएफआरई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों का गरिमामय सम्मान, 80 वर्ष पूर्ण करने वाले 23 कर्मियों को मिला अभिनंदन
आईसीएफआरई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों का गरिमामय सम्मान, 80 वर्ष पूर्ण करने वाले 23 कर्मियों को मिला अभिनंदन
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कम शब्दों में कहें तो, 28 फरवरी 2026 को देहरादून में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) ने अपने वरिष्ठतम सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों का सम्मान समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर 80 वर्ष की आयु को प्राप्त करने वाले 23 कर्मियों को सम्मानित किया गया।
आईसीएफआरई की पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में साइंटिस्ट हॉस्टल, एफआरआई में उन सभी वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को विशेष सम्मान दिया गया, जिन्होंने 31 दिसंबर 2025 तक 80 वर्ष की आयु पूरी की थी। यह अवसर केवल उनके लिए नहीं, बल्कि उनके समर्पण व योगदान को मान्यता देने का भी था।
अभिनंदन पाने वाले कर्मियों की लम्बी सूची
इस समारोह में वर्ष 1935 से 1945 के बीच जन्मे कुल 23 वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों को शॉल, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस सूची में नाम included हैं: श्री एम.एल. ठाकुर, श्री एस.एस. राजपूत, हरबक्श सिंह, के.एस. शुक्ला, एम.के. भट्टाचार्य, एम.एन. झा, पी.एल. सोनी और अन्य कई गणमान्य सेवानिवृत्त अधिकारी।
सम्मान समारोह की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएफआरई पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने की, जिनमें डॉ. एन.एस.के. हर्ष, डॉ. ओमबीर सिंह, डॉ. एस.पी. सिंह तथा वाई.एस. नेगी शामिल थे। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने वरिष्ठ वैज्ञानिकों के दीर्घकालीन योगदान और उनके समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इनकी उपलब्धियां और अनुभव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
भावुक क्षण और यादें
समारोह के दौरान भावुक भरे क्षण भी देखने को मिले, जब कई सम्मानित अतिथियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए। उन्होंने संस्थान की प्रगति और अपने कार्यकाल पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस आयोजन ने संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को विकसित किया और संस्थागत परंपराओं को सुदृढ़ किया।
संस्थान की प्रगति में योगदान
आईसीएफआरई और इसके संबद्ध संस्थानों ने वानिकी और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है। इन वैज्ञानिकों का कार्य केवल एक दशक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी दीर्घकालिक चिंतनशीलता ने वानिकी अनुसंधान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नए शोध और उनकी खोजों ने बायोडायवर्सिटी को संरक्षित करने नोटेबल योगदान दिया है।
जैसा कि यह समारोह सभी के लिए एक स्मृतिशेष बना, यह संस्थान हमारे वरिष्ठ कर्मियों को उनकी समर्पित सेवाओं के लिए सम्मान देने का एक अनूठा अवसर था। यह आयोजन यह दर्शाता है कि हमारे समाज में उम्र के साथ भी ज्ञान और अनुभव की महत्ता बनी रहती है।
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Team Amrita Bazaar Patrika - नीतू शर्मा
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