दिल्ली छोड़ पहाड़ में नए रोजगार के अवसर, दंपति ने कमा रहे 20 लाख रुपये प्रति वर्ष

Jun 18, 2026 - 21:44
 103  501.8k
दिल्ली छोड़ पहाड़ में नए रोजगार के अवसर, दंपति ने कमा रहे 20 लाख रुपये प्रति वर्ष
दिल्ली छोड़ पहाड़ में नए रोजगार के अवसर, दंपति ने कमा रहे 20 लाख रुपये प्रति वर्ष

दिल्ली छोड़ पहाड़ में नए रोजगार के अवसर, दंपति ने कमा रहे 20 लाख रुपये प्रति वर्ष

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, चम्पावत में रिवर्स पलायन का नया उदाहरण देखने को मिला है। एक दंपति ने दिल्ली की नौकरी छोड़कर अपने गांव लौटकर जैविक खेती, डेयरी और होमस्टे के जरिए 20 लाख रुपये वार्षिक की आय अर्जित की है।

रिवर्स पलायन का नया उदाहरण

भारत में पिछले कुछ वर्षों में रिवर्स पलायन की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है, खासकर उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में। चम्पावत में एक दंपति ने शानदार उदाहरण पेश किया है। ये दंपति पहले दिल्ली में एक सुरक्षित नौकरी कर रहे थे, लेकिन उन्होंने अपने पैतृक गांव लौटकर जैविक खेती, डेयरी उत्पाद और होमस्टे से आय का एक नया स्रोत तैयार किया है।

जैविक खेती: एक लाभकारी विकल्प

जैविक खेती ने इस दंपति को न केवल अपनी खानपान जैसी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद की है, बल्कि उन्होंने इसे एक व्यवसाय का रूप भी दिया है। आजकल उपभोक्ता स्वस्थ और जैविक उत्पादों की तलाश कर रहे हैं, जिसके कारण जैविक खेती की मांग बढ़ रही है। इस दंपति ने इस ट्रेंड का सफलतापूर्वक लाभ उठाया।

डेयरी व्यवसाय में संभावनाएं

डायरी व्यवसाय भी इस दंपति के लिए एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत बन चुका है। दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ती जा रही है। दंपति ने स्थानीय गायों का पालन प्रारंभ किया है, और अब वे ताज़ा दूध और डेयरी उत्पाद प्रदान कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में भी अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

होमस्टे का व्यवसाय

उन्होंने अपने गांव में एक होमस्टे स्थापित किया है, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों की सुंदरता और शांत वातावरण के कारण लोग यहाँ छुट्टियाँ बिताने के लिए आ रहे हैं। होमस्टे से मिलने वाली आय ने इस दंपति की निरंतर आय में चार चाँद लगा दिए हैं।

नगरों की ओर पलायन का अंत

एक दौर था जब पहाड़ी लोग बेहतर रोजगार की तलाश में महानगरों की ओर पलायन कर जाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी राज्यों में रिवर्स पलायन के संकेत स्पष्ट हैं। लोग अपने घर वापस लौट रहे हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसरों का सृजन कर रहे हैं।

नवीनतम योजनाएं और अवसर

सरकारों द्वारा भी रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने वाली योजनाएं चलाई जा रही हैं। कृषि, पर्यटन और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में नवाचारों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। दंपतियों जैसे लोगों की सफलता इस बात की पुष्टि करती है कि अगर सही तरीके से प्रयास किया जाए, तो पहाड़ी क्षेत्रों में भी सफलताएँ प्राप्त की जा सकती हैं।

निष्कर्ष

दिल्ली छोड़ चम्पावत में लौटे इस दंपति की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह दर्शाती है कि किस प्रकार रिवर्स पलायन के जरिए लोग अपनी ज़िंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। जैविक खेती, डेयरी व्यवसाय और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में वृद्धि के माध्यम से, उन्होंने गाँव लौटकर रोजगार संभावनाओं को साकार किया है।

इसी तरह की और खबरों के लिए हमारे पोर्टल पर विजिट करें: Amrita Bazaar Patrika

सादर,

टीम अमृता बाजार पत्रिका
मीरा वर्मा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0