देहरादून में ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड: 481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने रचा इतिहास
देहरादून में ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड: 481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने रचा इतिहास
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड में 481 भारतीय पुरुष और 34 विदेशी कैडेटों ने सैन्य अधिकारी के रूप में सफलतापूर्वक स्नातक किया। इस अद्वितीय समारोह में 9 महिला कैडेटों ने भी उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामई उपस्थिति
इस मौके पर देश की राष्ट्रपति और सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए परेड का उद्घाटन किया। उन्होंने कैडेटों को संबोधित करते हुए उनके योगदान और कर्तव्यों की महत्ता को रेखांकित किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "आप सभी देश के नायक हैं और आपके ऊपर यह जिम्मेदारी है कि आप अपने देश की रक्षा करें।"
महिला कैडेटों की उपलब्धि
इस वर्ष की पासिंग आउट परेड में उल्लेखनीय रूप से 9 महिला कैडेटों ने भी अपने कौशल और लगन के चलते इतिहास रचा। यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु है, जो न केवल उनके लिए बल्कि समस्त भारतीय महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है। राष्ट्रपति मुर्मू ने इन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया और उनके समर्पण की सराहना की।
विदेशी मित्र देशों के कैडेट
परेड में शामिल 34 विदेशी कैडेटों का संबंध 16 मित्र देशों से है। यह दर्शाता है कि भारतीय सेना की प्रशिक्षण प्रणाली में न केवल भारतीय युवा बल्कि विदेशी युवा भी विश्वास रखते हैं। ये कैडेट विभिन्न देशों से आए हैं, जो भारत के साथ मिलकर सर्वश्रेष्ठ सैन्य रणनीतियों और कौशल का विकास कर रहे हैं।
भविष्य की दिशा
राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि भारतीय सेना का हर कैडेट अपने साथ न केवल भारतीय संस्कृति और ज्ञान बल्कि अपने देश की सेना का गर्व भी लेकर जा रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा, "आपका संघर्ष और मेहनत ही राष्ट्र को शक्ति देता है।"
संभावनाएं और चुनौती
ये नए अधिकारी अब भारत और विदेशी मित्र देशों के सैन्य संबंधों को मजबूत बनाने और वैश्विक सुरक्षा में योगदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आज के युवाओं को मिलकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा, ताकि वे एक सुरक्षित और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकें।
इस परेड के माध्यम से यह स्पष्ट है कि भारतीय सेना में महिलाओं का प्रतिनिधित्व एक नई दिशा की ओर बढ़ रहा है, जो समाज में समानता और अवसर की बात को स्पष्ट करता है। उम्मीद है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक महिलाएं इस क्षेत्र में कदम रखेंगी।
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सभी कैडेटों को अग्रिम शुभकामनाएँ! हम एक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र के लिए आपके योगदान की आशा रखते हैं।
Team Amrita Bazaar Patrika
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