नकोट स्कूल में 204 छात्रों को आपदा प्रबंधन और भू-देव ऐप का विशेष प्रशिक्षण मिला
नकोट स्कूल में 204 बच्चों को आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण, भू-देव ऐप डाउनलोड कराया
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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल में एक दिवसीय विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम में 204 बच्चों को बच्चों को शिक्षा दी गई, जिसमें भू-देव ऐप का भी प्रयोग सिखाया गया।
टिहरी गढ़वाल, 17 दिसंबर 2025: जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की ओर से चम्बा ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नकोट में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन, न्यूनीकरण, त्वरित राहत-बचाव एवं जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों में आपदा प्रबंधन की जागरूकता पैदा करना और उन्हें तकनीकी सहायता प्रदान करना था।
प्रशिक्षण की रणनीतियाँ और प्रशिक्षण का उद्देश्य
जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल द्वारा निर्देशित इस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने भी भाग लिया। DDMA के मास्टर ट्रेनर, अनिल सकलानी ने छात्रों और स्कूल कर्मियों को प्राकृतिक आपदाओं से कैसे निपटना है, इस पर व्यापक जानकारी दी।
इस प्रशिक्षण में भाग लेने वाले अभ्यार्थियों को क्षेत्रीय एवं संभावित आपदाओं के बारे में बताया गया, जैसे कि भूकंप, बाढ़, आग तथा जंगली जानवरों के जोखिम। उन्होंने आपदा से पूर्व की तैयारी, सुरक्षा उपाय, प्राथमिक उपचार, आग से बचाव तकनीकें, बाढ़ बचाव युक्तियाँ, और सुरक्षित निकासी मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
भू-देव ऐप का महत्व
विशेष रूप से उपस्थित सभी को भू-देव ऐप की जानकारी दी गई, जो आपदाओं के दौरान सहायता प्रदान करने हेतु डिज़ाइन की गई है। प्रशिक्षकों ने तुरंत शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए भी प्रेरित किया। इससे आपातकालीन स्थिति में त्वरित जानकारी और सहायता प्राप्त करना आसान हो जायेगा।
कार्यक्रम का समापन और भविष्य की योजनाएं
इस कार्यक्रम में कुल 204 छात्र-छात्राएं, अध्यापक-अध्यापिकाएं, और विद्यालय कर्मी शामिल हुए। प्रधानाचार्य श्री आशय कुमार ने सभी को संबोधित करते हुए कार्यक्रम की सराहना की और आपदा के प्रति सतर्कता और तैयारी के महत्व पर जोर दिया।
DDMA टिहरी गढ़वाल ने यह संकल्प लिया है कि सभी विद्यालयों में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नियमित रूप से आगे भी जारी रखा जाएगा। यह पहल बच्चों के मानसिक और शारीरिक सुरक्षा के प्रति एक सकारात्मक कदम है, जिससे उन्हें भविष्य में आए किसी भी संकट का सामना बेहतर तरीके से करने में मदद मिलेगी।
इस प्रकार के कार्यक्रमों से न सिर्फ बच्चों को नई तकनीकी जानकारी मिलती है, बल्कि वे आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक भी होते हैं। यह समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है और DDMA की यह प्रयास सराहनीय है।
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Team Amrita Bazaar Patrika
प्रियंका वर्मा
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