नववर्ष पर सीएम धामी और रसिक महाराज की शुभकामनाएं: शक्ति और सद्भाव का पर्व
नववर्ष पर सीएम धामी और रसिक महाराज की शुभकामनाएं: शक्ति और सद्भाव का पर्व
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में आयोजित 'एक शाम नववर्ष के नाम' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वामी रसिक महाराज ने हिंदू नववर्ष का स्वागत किया।
देहरादून, 18 मार्च। राजधानी देहरादून में हिन्दू नववर्ष की पूर्व संध्या पर आयोजित 'एक शाम नववर्ष के नाम' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशेष भागीदारी की। इस कार्यक्रम में सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष, नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी देशवासियों को नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दी।
चैत्र नवरात्रि का महत्व
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चैत्र नवरात्रि, शक्ति की उपासना का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भारतीय संस्कृति की महान परंपरा का प्रतीक है। इस पर्व को मनाने में नारी शक्ति का एक विशेष संदर्भ है, जो समाज में नारी के महत्व और सामर्थ्य को उजागर करता है। उन्होंने कन्या पूजन का उल्लेख किया, जो नारी के सम्मान और उसके स्थान को मान्यता देता है। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे नारी का सम्मान करें और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
स्वामी रसिक महाराज का संदेश
स्वामी रसिक महाराज ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हमारे पौराणिक ग्रन्थों में चैत्र नवरात्रि को आत्मशुद्धि और सद् प्रवृत्तियों का आधार माना गया है। उन्होंने बताया कि इस समय मां दुर्गा के पूजन से नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त किया जा सकता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। प्रदेश में इस पर्व का धार्मिक महत्व है, जिसके अंतर्गत कई देवी मंदिरों एवं शक्तिपीठों पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
संकल्प का महत्व
स्वामी रसिक महाराज ने बताया कि भारतीय सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत संकल्प से होती है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि इस पर्व का उद्देश्य रचनात्मक और सृजनात्मक कार्यों को बढ़ावा देना है। इससे हमारे भीतर देश और समाज की सेवा का नया उत्साह जागृत होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह नव संवत्सर सभी के जीवन में सुख और समृद्धि लाए।
यह कार्यक्रम न केवल हिंदू नववर्ष का स्वागत था, बल्कि संस्कृति, नारी शक्ति और समाज की सेवा के प्रति जागरूकता फैलाने का अवसर भी था। इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देते हैं।
इस विशेष अवसर पर सभी उपस्थितजनों ने एक नई शुरुआत के लिए संकल्प लिया और अधीरता से नवसंवत्सर का स्वागत किया।
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सादर,
Team Amrita Bazaar Patrika
शिल्पा देवी
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