पीएम मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक दौर
पीएम मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक दौर
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
कम शब्दों में कहें तो, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में सनातन संस्कृति का एक स्वर्णिम काल शुरू हुआ है, जो अनेक सांस्कृतिक परियोजनाओं और पुनर्निर्माण कार्यों के माध्यम से स्पष्ट हो रहा है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम में आयोजित भव्य मां भगवती जागरण कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने मां भगवती की पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस जागरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित थे।
सनातन संस्कृति के स्वर्णिम पुनर्जागरण का आरंभ
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति का स्वर्णिम काल प्रारंभ हुआ है। उन्होंने उल्लेख किया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण, केवल एक धार्मिक स्थल का निर्माण नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति और आस्था का पुनर्स्थापन है।
सरकार की पहल और योजनाएं
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, केंद्र सरकार ने राम मंदिर निर्माण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाते हुए, आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा देने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ धाम के विकास Like जैसी परियोजनाएं भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दे रही हैं।
चारधाम यात्रा का महत्व
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हाल ही में चारधाम यात्रा का प्रारम्भ हुआ है, जिसमें अब तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदार सहित चारधामों में दर्शन किया है। यह न केवल उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान को दर्शाता है, बल्कि देशभर के लोगों की आस्था को प्रदर्शित करता है।
शीतकालीन यात्रा योजना
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा का आरंभ करने की योजना बनाई है। इस पहल का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
समाज के लिए एकजुटता की आवश्यकता
मुख्यमंत्री धामी ने समाज के एकजुटता की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों का समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण योगदान है, साथ ही ये युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
कनेक्टिविटी और विकास
प्रदेश में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर तेजी से कार्य कर रही हैं। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के बनने से यात्रा का समय कम होगा, जो पर्यटन, व्यापार और तीर्थाटन को नई गति देगा।
संस्कृति और परंपराओं की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देवभूमि उत्तराखंड में जन्म लेने का सौभाग्य प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि हम यहां की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखें। राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण, धार्मिक स्थलों का विकास, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को जोड़ते हैं और हमारी संस्कृति को संरक्षित रखते हैं।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर और अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।
इस प्रकार, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण एक ऐतिहासिक मोड़ है, जो आज के युवा और आने वाली पीढ़ियों के बीच अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में सहायता करेगा। इसके लिए जरूरी है कि हम सभी मिलकर प्रयास करें।
अधिक जानकारी के लिए, यहां क्लिक करें.
Team Amrita Bazaar Patrika
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0